त्रिपुरा की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन सरकार द्वारा किए गए ‘अच्छे कार्यों’ को उजागर करने के लिए सप्ताहभर के घर-घर चुनावी अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री माणिक साहा, उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक और भाजपा के राज्य प्रभारी महेश शर्मा ने विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार अभियान का नेतृत्व किया। 

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प्रदेश पार्टी अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि यह अभियान 03 दिसंबर तक चलेगा और सभी नेता भाजपा सरकार की उपलब्धियों को सभी निर्वाचन क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में जाकर लोगों को बताने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार ने राज्य में बहुत अच्छा काम किया है, जिनमें दीर्घकालिक आजीविका सहायता, ग्रामीण अवसंरचनाओं का विकास, सामाजिक कल्याण की योजनाएं और राज्य के बाकी हिस्सों में और पड़ोसी देश के साथ कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने वाली विकास परियोजनाएं शामिल हैं, जिसकी चाहत त्रिपुरा के लोग पिछले 50 वर्षों से कर रहे थे। इसलिए, हम अपनी सरकार के काम के आधार पर वोट मांगेंगे। 

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मुख्यमंत्री साहा ने मीडिया से कहा कि विपक्षी दल में नेतृत्व की पुरानी समस्या रही है और वे नकारात्मक राजनीति करते हैं। जनता उन्हें नकार रही है क्योंकि भाजपा के सफल कार्यकाल की तुलना पिछले 25 वर्षों के कम्युनिस्ट शासन और 1988-1993 में कांग्रेस शासन से की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिपुरा राज्य की प्रतिभाओं को पहचाना है और इसे फिर से राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है, जिससे सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले अनानास, कटहल और सुगंधित नींबू को वैश्विक व्यापारिक सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण आज त्रिपुरा के बांस और आगर (इत्र का प्राकृतिक घटक) को दुनिया में पहचान मिली है और यह राज्य बहुत जल्द पूर्वोत्तर के विशेष आर्थिक क्षेत्र का पहला लॉजिस्टिक हब बन जाएगा। त्रिपुरा अब सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ चुका है और अगरतला हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपग्रेड किया गया है और इसकी सभी प्रमुख भारतीय शहरों के साथ कनेक्टिविटी है। पहले, केवल एक राजमार्ग था, अब राज्य में कम से कम आठ राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़कें हैं। 

मुख्यमंत्री ने राज्य की खराब कानून-व्यवस्था के आरोपों को लेकर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि कम्युनिस्टों को अपने 25 वर्षों के शासन के अपराधिक रिकॉर्ड को नहीं भूलना चाहिए। माकपा और कांग्रेस जनता और भाजपा समर्थकों को आतंकित कर रही हैं, लेकिन मैंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी उपद्रवी को छोड़ना नहीं है, चाहे उसकी कितनी भी ऊंची राजनीतिक पहुंच क्यों न हो। उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2018 से राज्य में पारदर्शी और लोकप्रिय सरकार दे रही है। त्रिपुरा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है और भाजपा शासन में यहां का विकास देश के किसी भी विकसित राज्य के बराबर ही है।