अगरतला। त्रिपुरा के चार छात्र (Tripura studnet in Ukraine) अब भी युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे हुए हैं, जबकि 24 अन्य छात्र यूक्रेन की सीमा पार कर दूसरे देशों में चले गए हैं या अपने घर लौट रहे हैं। त्रिपुरा के सूचना मंत्री सुशांत चौधरी (Tripura Information Minister Sushant Chowdhary) ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक यूक्रेन में फंसे 33 छात्रों की पहचान की है। इनमें से पांच छात्र पिछले दो दिन में स्वदेश लौटे हैं। 

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सूचना मंत्री ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अब राज्य के केवल चार छात्र यूक्रेन में फंसे हैं लेकिन वे सभी सुरक्षित स्थानों पर हैं। विदेश मंत्रालय यूक्रेन और अन्य पड़ोसी देशों की सहायता से 'ऑपरेशन गंगा' के तहत सभी भारतीय नागरिकों को निकाल रहा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने छात्रों की सुरक्षित वापसी की सुविधा के लिए परिवारों और सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। 

मुख्य सचिव कुमार आलोक ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों और उप-मंडल अधिकारी ने यूक्रेन में पढ़ रहे सभी 33 छात्रों के परिवारों से संपर्क किया है। घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि सरकार उन्हें जल्द से जल्द वापस लाने की व्यवस्था कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इन 33 छात्रों में से दक्षिणी त्रिपुरा के आठ छात्र युद्ध के दौरान पड़ोसी देशों की सीमा में सुरक्षित रूप से आ गये, जिनमें से एक छात्र त्रिपुरा पहुंचा है तथा बाकी सभी सुरक्षित स्थानों पर हैं। 

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वहीं, गोमती और खोवाई के छात्र उत्तरी त्रिपुरा में अपने घर पहुंच गए हैं तथा एक छात्र असम के सिलचर के लिए रवाना हुआ है। इसके साथ ही धलाई जिले के दो और खोवाई के एक अन्य छात्र को रोमानिया में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। सिपाहीजाला जिले के तीन छात्रों में से एक स्लोवाकिया, दूसरा इटली तथा तीसरा छात्र अब भी यूक्रेन में है लेकिन वह सुरक्षित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तरी जिले के चार छात्रों में से एक घर लौट आया है, दूसरा रोमानिया में है और दो ने कीव के एक मेट्रो स्टेशन में शरण ली है।