केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) और बनाधिकार ऐप (Banadhikar App) लॉन्च किया गया है। वनधिकार वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमिहीन स्वदेशी लोगों के लिए वन 'पट्टा' (land rights) के सीमांकन के लिए एक GPS आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है।


वनधिकार ऐप (Banadhikar App) पेश करने वाला त्रिपुरा देश का पहला राज्य बन गया है। सिंह ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि त्रिपुरा में 1.3 लाख आदिवासी, जिन्हें बनाधिकार मोबाइल एप्लिकेशन के तहत वन भूमि मिली है, उन्हें अपनी जमीन का एक समान नक्शा मिलेगा, जिससे यह महसूस होगा कि यह जमीन उनकी है।उन्होंने कहा कि "भूमि पंजीकरण (Land registration) और भूमि अधिकार कुछ ऐसे मुख्य क्षेत्र हैं जिन्हें प्राथमिकता के साथ संबोधित करने की आवश्यकता है और इसीलिए इस योजना को पूरे देश में लागू किया गया है।"
राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते सिंह (Kulaste Singh) ने कहा कि त्रिपुरा की कृषि और अन्य संबद्ध क्षेत्रों जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं और पिछले साढ़े तीन वर्षों में इन क्षेत्रों में बहुत काम किया गया है। सिंह ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (CM Biplab Kumar Deb) से वन भूमि में बागवानी फसलों के विकास के लिए नवीन रास्ते तलाशने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (CM Biplab Kumar Deb) ने कहा कि इन नई योजनाओं के माध्यम से राज्य में प्रत्येक पट्टा भूमि (patta land) को एक विशिष्ट पहचान पत्र मिलेगा और पंजीकरण प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी।


उन्होंने कहा कि “लोगों को उनके सभी प्रश्नों के लिए सिंगल स्टॉप सेंटर मिलेगा और पूरी भूमि पंजीकरण प्रणाली को भ्रष्ट प्रथाओं (corrupt practices) के लिए शून्य स्थान के साथ ऑनलाइन किया जाएगा। यह प्रणाली वन पट्टा भूमि सीमांकन और पंजीकरण के लिए आवश्यक लागत और यात्राओं की संख्या को कम करने में मदद करेगी, ”।