त्रिपुरा में विधानसभा के उपाध्यक्ष विश्वबंधु सेन के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उल्लेखनीय है सेन ने हाल ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान एक भड़काऊ भाषण में कहा था कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी तरह की रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी हड्डी तोड़ दो। 

उनका कहना था कि कर्मचारियों का एक वर्ग बिप्लब कुमार देब सरकार के खिलाफ साजिश रच रहा है। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में त्रिपुरा कर्मचारी समन्वय समिति की ओर से पश्चिमी अगरतला थाना में रविवार शाम दायर शिकायत को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होती है। पुलिस ने बताया कि प्रक्रिया के तहत शिकायती आवेदन को मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों के पास भेजा गया है। 

पुलिस का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी अनुमति दे देते हैं, तो शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। पुलिस के मुताबिक शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सेन के भाषण के बाद उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर में तैनात कम से कम तीन सरकारी कर्मचारियों पर भाजपा के अनियंत्रित कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। सेन ने गत 13 अगस्त को कथित तौर पर उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ऐसे कर्मचारियों की ‘हड्डियां तोड़ने’ की सलाह दी थी जो अभी भी माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के लिए काम कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा था कि उत्तरी त्रिपुरा में एसडीएम कार्यालय, डीएम कार्यालय, विद्युत कार्यालय तथा परिवहन में ऐसे अधिकतम 60-65 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो साल-दर-साल बिना ड्यूटी किए वेतन ले रहे हैं। उन्होंने कहा, हमें उनकी हड्डियों को तोड़ना होगा और हमारे खिलाफ जाने के लिए उन्हें सबक सिखाना होगा तथा कहना होगा कि वे बिप्लब देब सरकार के अच्छे कामों का प्रचार करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी हमेशा सिर्फ वेतन, महंगाई भत्ता (डीए) और वेतन वृद्धि की बात करते हैं, लेकिन अपनी ड्यूटी का सही तरीके से निर्वहन नहीं करते हैं।