निर्वाचन आयोग ने शनिवार को त्रिपुरा की 13वीं विधानसभा के लिए 16 फरवरी को होने वाले चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी है, जो 30 जनवरी तक चलेगी। अधिसूचना के अनुसार, नामांकन पत्रों की जांच 31 जनवरी को होगी और उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि दो फरवरी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गिट्टे ने बताया कि त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में दो मार्च को एक साथ मतगणना की जाएगी। त्रिपुरा की अंतिम मतदाता सूची में 28,13,478 मतदाता हैं, जिनमें से 14,14,576 पुरुष, 13,98,825 महिलाएं और 77 किन्नर मतदाता हैं, यहां 10,344 सर्विस वोटर हैं। उन्होंने बताया कि 80 से अधिक आयु वर्ग में 38,039 मतदाता और 100 से अधिक आयु वर्ग के 679 मतदाता हैं।

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उन्होंने कहा कि 18-19 वर्ष के आयु वर्ग के बीच 65,044 मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 34,704 पुरुष, 30,328 महिलाएं और 12 किन्नर हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है और बहुत जल्द पार्टी संसदीय बोर्ड द्वारा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, भाजपा में उम्मीदवारों के चयन के संदर्भ में बहुत सारी प्रक्रियाएं हैं और इनमें से संसदीय बोर्ड अंतिम है जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हम तय समय से काफी पहले उम्मीदवारों की सूची घोषित कर देंगे।

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मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आईपीएफटी अब भी भाजपा का गठबंधन सहयोगी है और अगर कोई भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहता है, तो दरवाजा हमेशा खुला है लेकिन वह आईपीएफटी अध्यक्ष और उनके कैबिनेट के सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार रियांग और टिप्रा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत किशोर देववर्मनके बीच हाल की बातचीत पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, आने वाले दो दिन में कुछ नया हो सकता है। भाजपा अकेले ही काफी है इसलिए हम गठबंधन को लेकर तनाव में नहीं हैं। उन्होंने मार्क्सवादी और कांग्रेस गठबंधन को ‘अपवित्र’ करार देते हुए कहा,“ हम अकेले शक्तिशाली हैं।