चुनाव आयोग ने मंगलवार को एक पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को खराब करने के आरोप में त्रिपुरा के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी की एक शिकायत के बाद दक्षिण त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गिट्टे किरणकुमार दिनकरराव के एक निर्देश के बाद मामले की जांच की और फिशरीज डिपार्टमेंट के अधीक्षक अजॉय दास को निलंबित कर दिया, क्योंकि वह कारण बताओ पत्र का उचित जवाब देने में विफल रहे।

ये भी पढ़ेंः त्रिपुरा में मां ने 18 महीने के बेटे की हत्या करने के बाद की आत्महत्या

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) गिट्टे किरणकुमार दिनकरराव ने आज यहां बताया कि तीन दिन पहले हुई इस घटना के बारे में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से शिकायत मिलने के बाद दक्षिण त्रिपुरा के जिला मजिस्ट्रेट को आरोप की जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद जिलाधिकारी ने आरोपी सबरूम विधानसभा क्षेत्र के सेक्टर अधिकारी मत्स्य विभाग अधीक्षक अजय दास को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा, दास आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए भेजे गये नोटिस का ठीक से जवाब देने में विफल रहे और इसलिए उन्हें निलंबित किया जाए और प्रावधान के अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की जाए। 

ये भी पढ़ेंः त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ेगा मोथा, सभी पार्टियों में उम्मीदवारों का चयन जारी

आदेश में कहा गया है कि एक सेक्टर अधिकारी के रूप में उन्होंने चुनाव नियम के प्रावधान का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों से मतदाताओं को प्रभावित करने वाले सभी व्यक्तिगत और आभार व्यक्त करने वाली प्रचार सामग्री को हटाना शुरू कर दिया है। सबरूम के मामले में किराये के मजदूरों ने निजी संपत्ति पर लगे प्रधानमंत्री के एक पोस्टर को विरूपित किया जिसे लेकर भाजपा ने नाराजगी व्यक्त की थी। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि निर्देशानुसार पोस्टर, बंदनवार और पेंटिंग हटाने के लिए सेक्टर अधिकारियों को मजदूरों के साथ जाना होता है। जहां भी संभव हो ऐसी प्रचार सामग्री को हटाया जाना चाहिए या सार्वजनिक स्थानों को साफ किया जाना चाहिए। जहां से उसकी सफाई या हटाना बिल्कुल भी संभव नहीं हो, वहां प्रभावशाली व्यक्तियों की तस्वीरों, चित्रों और वाक्यों को कवर करने के लिए व्हाइटनर का उपयोग किया जाना चाहिए। इस शिकायत के मामले में हालांकि, निजी संपत्ति पर लगी प्रधानमंत्री की तस्वीर विरूपित की गई थी। इस बीच भाजपा ने आरोप लगाया कि दास एक दुकान पर गए और अवैध रूप से प्रधानमंत्री के पोस्टर पर काली स्याही डाल दी।