त्रिपुरा में एक पत्रकार को मुख्यमंत्री बिप्लब देब पर फेसबुक पोस्ट करना महंगा पड़ गया। अज्ञात लोगों ने पत्रकार को घर से घुसकर बेरहमी से पीटा। हमले में घायल पत्रकार का इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। हमलावरों की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, CM बिप्लब देब ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में मीडिया की आलोचना करते हुए मीडिया को 'माफ नहीं' करने की बात कही थी। दरअसल सारा मामला मीडिया द्वारा कोरोना को लेकर राज्य सरकार की अव्यवस्थाओं से जुड़ी खबरों को छापने से जुड़ा था।

त्रिपुरा के बंगाली डेली (स्यंदन पत्रिका) के पत्रकार पाराशर बिस्वास कोरोना से ठीक हुए थे। वह ड्यूटी के दौरान संक्रमित हो गए थे। कोविड केयर यूनिट से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने एक वीडियो बनाया और मीडिया को धमकी देने को लेकर CM की आलोचना की। वीडियो में वह कह रहे हैं, 'मैं मुख्यमंत्री को चेतावनी देना चाहूंगा कि उन्हें मीडिया को धमकी नहीं देनी चाहिए। आज मैं इसे पोस्ट कर रहा हूं। भविष्य में और लोग भी करेंगे।'

पाराशर के इस वीडियो की कुछ लोगों ने निंदा की। जिसके बाद शनिवार रात ढलाई जिले के अंबासा स्थित उनके घर में घुसकर अज्ञात लोगों ने पाराशर को बेरहमी से पीटा। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अगरतला स्थित अस्पताल ले जाया गया। डीजीपी राजीव सिंह ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और इसकी जांच की जा रही है।

स्यंदन पत्रिका के संपादक सुबल डे ने कहा, 'मुख्यमंत्री द्वारा मीडिया को धमकी दिए जाने के एक दिन बाद और फेसबुक पोस्ट के महज 12 घंटे के भीतर पाराशर पर हमला हुआ है। हमें संदेह है कि यह हमला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया है।' वहीं बीजेपी ने हमले के आरोपों से इंकार किया है। त्रिपुरा के बीजेपी प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्जी ने कहा, 'हम पत्रकार पर हमले की निंदा करते हैं। हमारा कोई भी पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अगर किसी भी राजनैतिक दल का सदस्य इसमें शामिल होता है, तो कानून अपना काम करेगा।'