त्रिपुरा के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्षी दल माकपा के विधायक भानू लाल साहा के खिलाफ इस सप्ताह की शुरुआत में सोशल मीडिया पर ''भड़काऊ बयान'' देने के आरोप में राज्य के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज किये गए हैं। आरोप है कि साहा ने लोगों से ''सत्तारूढ़ भाजपा के गुंडों'' को डंडों और पाइपों से सबक सिखाने की अपील की थी।

मंत्री ने कहा कि यदि राज्य में दंगे भड़के या कानून-व्यस्था की समस्या खड़ी हुई तो उसके लिये माकपा जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रेवती मोहन दास को साहा की ''भड़काऊ टिप्पणी'' के बारे में जानकारी दी गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। विस्तृत जांच के बाद ही कोई जानकारी दी जाएगी। पूर्व मंत्री साहा ने 31 मई को फेसबुक पर एक टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया था।

उन्होंने कथित तौर पर कहा था, ''उनके द्वारा किये गए हमलों का जवाब देने के लिये अपने पास डंडे, हंसिया और लोहे के पाइप आदि रखिये। हमलावरों का सामना करने के लिये साहस जुटाइये। आत्मरक्षा के लिये ये चीजें अपने पास रखना अपराध नहीं है। बिना संघर्ष किये जीवन और संपत्ति की रक्षा करना असंभव है। ऐ युवाओं, आग बन जाओ। सैंकड़ों-हजारों युवाओं को तैयार रहना चाहिये। साहस के साथ सत्तारूढ़ पार्टी के गुंडों को जवाब दीजिये। इलाके के लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़िये।''

माकपा विधायक ने बुधवार को एक स्थानीय टीवी चैनल पर अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने 'प्रतिरोध की अपील'' इसलिये की क्योंकि भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी सदस्यों पर बार बार हमले कर रहे हैं। विसालगढ़ से विधायक साहा ने कहा, 'ये हमले बेवजह किये गए। यही वजह है कि मुझे प्रतिरोध की अपील करनी पड़ी। मैं अपने बयान के लिये जेल जाने को भी तैयार हूं।'