भाजपा ने माकपा की त्रिपुरा इकाई के सचिव जितेंद्र चौधरी को सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से कथित तौर पर वसूली करने के आरोप लगाने पर मंगलवार को कानूनी नोटिस भेजा।

भाजपा की त्रिपुरा इकाई में कानूनी प्रकोष्ठ के संयोजिक बिश्वजीत देबनाथ की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया, आरोप ‘‘अस्पष्ट’’ होने के साथ प्रथमदृष्टया इसका उद्देश्य बिप्लब कुमार देब सरकार के मंत्री की मानहानि करना और आम जनता को ‘‘बरगलाना’’ है।

देबनाथ ने कहा, ‘‘आपने राज्य मंत्रिमंडल के अज्ञात मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं...इसलिए आपको नोटिस भेजा जा रहा है कि आप अपनी टिप्पणी वापस ले लें या स्वत: आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी जिसके दीवानी और फौजदारी नतीजे होंगे।’’

हालांकि, विपक्षी माकपा के नेता और पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने किसी मंत्री को निशाना नहीं बनाया है।

राज्य के सूचना और संस्कृति मंत्री सुशांत चौधरी ने आरोपों को ‘‘आधारहीन’’ करार देते हुए निंदा की है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि माकपा नेता अपने आरोपों को साबित करें नहीं तो सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी।

जवाब में जितेंद्र चौधरी ने जोर देकर कहा है कि उन्होंने किसी विशेष मंत्री पर आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, ‘‘जो मैंने कहा, वह मीडिया की खबरों,सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो फुटेज में है और लाभार्थियों से कमीशन लेने की अफवाह है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे डराए नहीं ...कानून विभाग को मामला दर्ज करने को कहें। यह मेरे लिए आसान होगा। मंत्री को अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा और बताना होगा कि कैसे उनकी संपत्ति गत 47 महीनों में कई गुना बढ़ी।’’