अगरतला। त्रिपुरा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर पांच महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने के लिए सरकारी नौकरी देने और युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के झूठे दावे करने का आरोप लगाया है। 

माकपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के पूर्व वित्त मंत्री भानु लाल साहा ने रविवार को मीडिया को बताया कि विधानसभा में रखे गए बजट दस्तावेज के अनुसार पिछले मौजूदा भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन सरकार के पांच साल की तुलना में वाम मोर्चा सरकार के समय में अधिक नौकरियां पैदा हुई थीं। 

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उन्होंने दो दिन पहले राज्य के शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ के इस आरोप का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि माकपा और कांग्रेस की सरकारों ने अपने कार्यकाल में बेरोजगार युवकों को ठगा और पिछली सरकारों ने 40 साल के शासन में जितनी नौकरियां पैदा की थी, उसे कहीं अधिक भाजपा ने चार साल में जो काम किया था, उससे कहीं अधिक प्रतिशत नौकरियां भाजपा ने चार साल में दी है।

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उन्होंने कहा, 'नाथ ने यह भी चुनौती दी थी कि अगर उनका बयान गलत है, तो वह इस्तीफा दे देंगे। मैं उन्हें राज्य सरकार के बजट दस्तावेज की याद दिलाना चाहता था, जो दर्शाता है कि वाम मोर्चे ने चार वर्षों में 27,378 नई नौकरियां दी थीं और भाजपा ने पिछले वित्तीय वर्ष तक केवल 12,018 लोगों को नौकरियां प्रदान की है।'