त्रिपुरा सरकार गुरुवार से शुरु होने वाले पांच दिवसीय उत्सव दुर्गा पूजा के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कुछ कड़े उपायों को लागू करने पर विचार कर रही है। सोमवार को यहां एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान शाम को होने वाली भीड़ रोकने के लिए कर्फ्यू या लॉकडाउन करने को लेकर कोई सर्वसम्मत नहीं बन पाई है, लेकिन पिछले एक सप्ताह में राजधानी सहित सभी प्रमुख शहरों में बिना मास्क के भारी भीड़ और पूजा-पूर्व खरीदारी के दौरान सामाजिक दूरी का पालन नहीं होने को लेकर प्रशासन चिंतित है। 

मुख्य सचिव ने अनलॉक 0.5 की घोषणा के बाद सामुदायिक दुर्गा पूजा के आयोजन के लिए कुछ विशिष्ट प्रतिबंध लगाए है और आयोजकों, पुजारियों और पंडाल दुकानदारों के लिए सुरक्षा उपायों के पालने करने के निर्देश दिए है। ऑल त्रिपुरा गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एटीजीडीए) ने भी दुर्गा पूजा उत्सव के बाद राज्य में कोविड 19 संक्रमण के नए प्रभाव के बारे में लोगों को आगाह किया है। आधिकारिक सोशल मीडिया पेज में चिकित्सकों कहा, पहले चरण में करीब 200 चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा मतृकों का आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि त्यौहार के दिन त्रिपुरा के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे। संक्रमण के मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए पूजा के दौरान गहन सतर्कता और एहतियाती उपाय किए जाने चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने दावा किया कि राज्य में कोरोना से ठीक होने वालों की बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई है, जो कि एक पखवाड़े से पहले केवल 60 प्रतिशत थी। राज्य में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 29,327 है तथा पांच और लोगों की कोरोना से मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 328 हो गई है। राज्य में सक्रिय मामले 2857 है जबकि 26,199 लोग बीमारी से ठीक हो चुके है।