त्रिपुरा में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण की लगातार खराब होती स्थिति के बीच पिछले 24 घंटों के दौरान इस विषाणु के संक्रमण से चार और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गयी, जबकि 222 और लोगों में इसका संक्रमण होने से संक्रमितों की कुल संख्या 4288 हो गई है। 

त्रिपुरा सरकार ने राज्य भर में 27 जुलाई से कोरोना के लक्षणों का सर्वेक्षण कराया है और सर्वेक्षण को बिना किसी बाधा के चलाए रखने के लिए राज्य सरकार ने तीन दिन का लॉकडाउन किया, लेकिन करोना की तेजी से बिगड़ती स्थिति पर लॉकडाउन को सर्वेक्षण पूरा होने तक चार अगस्त तक बढ़ाया जा सकता है। एक वरिष्ठ मंत्री ने बुधवार को यहां बताया कि वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद 30 जुलाई की सुबह से अगले छह दिन तक लॉकडाउन बढ़ाने पर मंगलवार शाम मंत्रिपरिषद की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। 

इसके अलावा पॉजिटिव मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी के अलावा कैबिनेट ने कोविड के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कराने पर भी जोर दिया है। मंत्री ने कहा कि लोग कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, इसलिए इन परिस्थितियों से निपटने के लिए लॉकडाउन ही एक मात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि यह पहले से ही अनुमान लगा लिया गया था कि अगले महीने के मध्य तक कोरोना के मामले कई गुना बढ़ सकते है और लोगों की लापरवाही के कारण संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है इसलिए राज्य सरकार कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह के उपायों को लागू कर रही है। 

इस बीच विपक्षी दलों के साथ डॉक्टरों के निकायों ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब पर स्वास्थ्य मंत्रालय संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया, जिससे कोरोना की स्थिति खराब हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का प्रभार किसी अन्य स्वतंत्र मंत्री को देने की मांग की है।