त्रिपुरा में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए सोशल डिस्‍टेंसिंग बनाने के लिए जिला निगम ने  शराब खरीदने आने वालों के लिए छतरियां ले जाना अनिवार्य कर दिया हैं ताकि वो दुकान के सामने जब लाइन लगाकर खड़े हो तो छतरियां खोलकर खड़े हो, इससे लोगों के बीच आपस में दूरी बनी रहेगी और संक्रमण का खतरा भी कम होगा।

राज्य में शराब की दुकानें खुल गई हैं, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा लागू इस नियम को अनिवार्य कर दिया गया है। अब जब लोग दुकानों के बाहर शराब खरीदने के लिए लाइन लगा रहे हैं तो अपनी छतरियों को लेकर खड़े होते हैं और इससे उनके बीच की दूरी अपने आप ही बनी रहती है। त्रिपुरा राज्य से पहले ही केरल के अलप्पुझा जिले के थन्नेर्मुकोम के गांव वालों ने शराब की दुकानों पर सोशल डिसटेसिंग के लिए ये नियम बनाया था। इसी के तर्ज पर अब तमिलनाडु और त्रिपुरा में भी ये नियम लागू कर दिया गया है।रिपोर्ट की मानें तो कोविड से बचने के लिए लोगों से कत से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखनी जरूरी है। ऐसे में ये छतरी का नियम बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। 

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत का राज्य त्रिपुरा राज्य भी अब कोरोना के संकट से जूझ रहा है। इस  राज्य में त्रिपुरा में कल ही वायरस के 30 नए मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 100 से ज्यादा हो गई। त्रिपुरा में शुक्रवार को एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना से संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई। अंबस्सा में तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की 86वीं बटालियन के 25 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। वहीं, अंबस्सा में तैनात 138वीं बटालिन के एक जवान के परिवार के 4 सदस्य कोरोना पॉजिटिव निकले। इसके अलावा एक ट्रक चालक जो राज्य के बाहर से आया था, उसे क्वारनटीन में रखा गया था। उस चालक की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके साथ ही शुक्रवार को कोरोना के 30 मामलों की पुष्टि हुई।