कोरोना वैक्सीन के खराबे को लेकर पिछले दिनों सियासत गर्मा चुकी है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर भाजपा नेताओं ने तीखे हमले किए थे, लेकिन अब लोकसभा में केन्द्र सरकार ने माना है कि राजस्थान में कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज खराब नहीं हुई है। जबकि भाजपा व उसके सहयोगी दलों के शासित 5 राज्यों में वैक्सीन खराब हुई है। देशभर में कुल 2.49 लाख डोज खराब हुई। भाजपा-जेडीयू शासित बिहार में ही 1.26 लाख डोज खराब हुई है।

देशभर में कोरोना वैक्सीन को लेकर सियासत लगातार चल रही है। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर लोकसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांवडिया ने बताया कि 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। 20 जुलाई तक 32.64 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिली चुकी है। वहीं 1 मई से 13 जुलाई के बीच 2 लाख 49 हजार वैक्सीन डोज खराब हुई है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में भी राजस्थान की तरह कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज खराब नहीं हुई है।

खराबे में भाजपा शासित राज्य आगे

बिहार, पुदुचेरी, त्रिपुरा, मणिपुर व मेघालय में भाजपा व उसके सहयोगी सरकार में है। इन्हीं राज्यों में कोरोना वैक्सीन खराब हुई है। जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड में वैक्सीन की एक डोज खराब नहीं बताई गई है।

वैक्सीन डोज खराब करने वाले प्रदेश

प्रदेश -----------डोज संख्या

बिहार-----------126243

जम्मू-कश्मीर----32680

तेलांगना---------27552

दिल्ली----------19989

पुदुचेरी---------13613

त्रिपुरा---------13207

मणिपुर-------12346

मेघालय---------3518

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सवाल पर सरकार ने कहा कि वैक्सीनेशन ड्राइव पर 9725.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अगस्त, 2021 से दिसंबर 2021 के वैक्सीन की कुल 135 करोड़ डोज उपलब्ध होने का अनुमान है। सरकार ने दावा किया कि स्वदेशी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के साथ खरीद में कोई देरी नहीं हुई है। कंपनियों को दिए गए आपूर्ति आदेशों के लिए अग्रिम भुगतान भी कर दिया गया है।

झूठे आरोप लगाने वालों को करारा जवाब

लोकसभा में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजस्थान में कोई वैक्सीन डोज बर्बाद नहीं होने और 2.46 लाख वैक्सीन डोज अतिरिक्त लगाने की जानकारी दी है। यह उन लोगों के लिए करारा जवाब है जिन्होंने वैक्सीन बर्बादी के झूठे आरोप लगाकर हमारे हेल्थ वर्कर्स का मनोबल गिराया था। वैक्सीन वायल में कई बार 10 की जगह 11 डोज आती हैं। सावधानीपूर्वक वैक्सीनेशन से इस अतिरिक्त डोज का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके कारण वैक्सीन वेस्टेज नेगेटिव यानी शून्य से कम है। जानकारी के अभाव में विपक्षी नेताओं ने नेगेटिव वेस्टेज का मजाक उड़ाया था।