नीती देब ने घोषणा की है कि उन्होंने सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा नहीं चाहिए। सरकारी सुरक्षा प्रणाली को नकारते हुए नीती देब ने कहा कि महामारी के इस समय में उनके संरक्षण में जितना खर्च किए जा रहा है उतना पैसा राज्य के लोगों के लिए खर्च किया जाना चाहिए। जिससे उनको इस कोरोना काल में मदद मिल सके। वैसे भी काम धंधे ठप होने के कारण लोगों के पास घर चलाने को पैसे नहीं सरकार उन पर ये खर्च करें।


जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को ’वाई’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इसी तरह माणिक सरकार, जो लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री बने रहे थे। उन्होंने कभी भी इस तरह के संरक्षण का लाभ नहीं उठाया। उनकी पत्नी पांचाली भट्टाचार्य ने भी किसी सरकारी सुरक्षा का लाभ नहीं उठाया। जानकारी के लिए बता दें कि नीती देब भी एक केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं।


सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उनकी सुरक्षा के लिए मासिक लागत लगभग 1.44 लाख रुपये है। और अब, त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में आने के ढाई साल बाद, नीती देब ने सरकार से अपनी सुरक्षा हटाने की घोषणा की है। निति देब ने कहा कि अगर मैं त्रिपुरा या किसी गाँव के किसी कमरे में जाता हूँ या कहीं दूर घूमने जाता हूँ तो मुझे किसी से डरने की कोई बात नहीं है, मुझे डरने की कोई बात नहीं है। क्योंकि जहां मुझे इतना प्यार दिया जा रहा है, इसका मतलब है कि पूरा राज्य मेरी रक्षा कर रहा है।