केंद्र सरकार ने उत्तरी त्रिपुरा में एक राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के विकास के लिए 456.88 करोड़ मंजूर किए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य सरकार को बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत विस्थापित होने वाले लोगों के पुनर्वास और NH-44A के विकास के लिए फंड खर्च किया जाएगा।

इस फंड को विशेष रूप से उत्तरी त्रिपुरा में मिजोरम के पास लालचारा-कंचनपुर खंड के लिए खर्च किया जाएगा। स्थानीय आबादी लंबे समय से इस खंड के विकास की मांग कर रही है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने इसके लिए गडकरी का आभार व्यक्त किया। देब ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के HIRA (राजमार्ग, इंटरनेट मार्ग, रेलवे और वायुमार्ग) मॉडल के तहत स्वीकृत एक प्रमुख विकास परियोजना है।

वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय आयुष मंत्रालय त्रिपुरा में 50 बिस्तरों वाला आयुष अस्पताल तथा इतनी ही संख्या में स्वास्थ्य एवं सुविधा केंद्रों को जल्द बनाने के लिए राजी हो गया है। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य में मंगलवार अपने दौरे पर आने के बाद मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब से इस बारे में बात की। सोनोवाल ने बुधवार को मीडिया को बताया था कि आयुष अस्पताल तथा स्वास्थ्य केंद्रों से त्रिपुरा में वर्तमान में चल रहे स्वास्थ्य संरचना को मदद मिलेगा तथा इससे इस क्षेत्र में परंपरागत चिकित्सा पद्धती को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि इससे उत्तर-पूर्व के लोगों को इलाज कराने में बेहतर सुविधा मिलेगी तथा यह उनके बेहतर जीवन जीने में सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आयुष अस्पताल बनाने के लिए सरकार भूमी उपलब्ध करायेगी तथा मंत्रालय अस्पताल को सभी प्रकार का सहायता प्रदान करेगा।