भारत और बांग्लादेश के बीच लंबित मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर महानिरीक्षक स्तर की दो दिवसीय समन्वय सम्मेलन संपन्न हो गया। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सीमा गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर मुख्यालय में दो दिवसीय बैठक कुल शुरु हुई थी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग के बंधन को मजबूत करना और सीमा में शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखना था। 

बैठक के बाद बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर के महानिरीक्षक सुशांत कुमार नाथ और सीमा गार्ड बंगालादेश के अतिरिक्त महानिदेशक खोंडोकर फरीद हसन ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा पार अपराधों, मादक पदार्थ और उनकी तस्करी, सीमा उल्लंघन और उनकी रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है। 

उन्होंने कहा, भारतीय पक्ष ने सीमा पर लंबित विकास कार्यों को पूरा करने, भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ एकल पंक्ति कटीले बाड़ लगाने और समन्वित सीमा प्रबंधन योजना पर चर्चा की गई। भारतीय पक्ष की ओर से मिजोरम और कछार फ्रंटियर बीएसएफ के महानिरीक्षक सुनील कुमार और मेघालय फ्रंटियर के हरदीप सिंह और पूर्वोत्तर क्षेत्र के अन्य शीर्ष बीएसएफ अधिकारी और तथा बंगलादेश के विदेश मामलों और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन में भाग लिया था। दोनों प्रतिनिधि मंडल के नेताओं ने कल रात त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस से भी मुलाकात की थी।