असम-मिजोरिम के सीमा विवाद काफी दिनों से चल रहा है। कई बार लोगों के बीच झड़प भी हो गई। केंद्र तक यह विवाद पहुंच गया है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी बीच त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अपने मिजोरम समकक्ष को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के साथ फुलदंगसी मुद्दे को उठाने के लिए उकसाया है। बिप्लब ने मिजोरम से कहा कि अंतर-राज्य सीमा का विशेष क्षेत्र, संबंधित व्यक्ति या राज्य मौके के भौगोलिक मानचित्र की जांच के लिए MHA से संपर्क कर सकते हैं।

देब ने बताया कि मिजोरम का MHA के साथ फुलदंगसी मुद्दे को उठाना बुद्धिमानी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के भीतर किसी भी क्षेत्र में टकराव नहीं होना चाहिए। संघीय ढांचे के तहत, MHA किसी विशेष क्षेत्र के भौगोलिक क्षेत्र की जांच करने के लिए सक्षम प्राधिकारी है। सभी को सक्षम प्राधिकारी द्वारा तैयार अंतर-राज्य सीमा का सम्मान करना चाहिए ना कि एक दूसरे के विपरीत होकर लड़ना चाहिए। जब भी फुलडंग्सी में समस्याओं का समाधान किया गया है, तो आधिकारिक तौर पर हल किया जाना चाहिए।


देब ने मीडिया को बताया कि किसी को भी अनावश्यक रूप से समस्याएं पैदा नहीं करनी चाहिए। नए सिरे से मिजोरम सरकार का पत्र सीमावर्ती गाँव का निरीक्षण, देब ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर पत्र एक उत्तर के लायक नहीं है। त्रिपुरा-मिजोरम सीमा से सटे एक गांव फुलडंगसी पर अधिकारों के निर्धारण के लिए एक संयुक्त निरीक्षण के लिए मिजोरम सरकार के अनुरोध के मद्देनजर हमें क्षेत्र में झगड़े में शामिल होने के बजाय एक साथ काम करना चाहिए।