त्रिपुरा में विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार जनविरोधी गतिविधियों, गुंडागर्दी और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने के कारण अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। 

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माकपा प्रदेश सचिव जितेन्द्र चौधरी ने दक्षिण त्रिपुरा में पार्टी कार्यकर्तओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सहनशीलता की सारी हदों को पार कर दिया है और लोकतंत्र पर ‘हमला’ करने की अपनी खराब मिसाल को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने सोचा कि बिप्लब कुमार देब को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने के बाद स्थिति में सुधार होगा, लेकिन मौजूदा माणिक साहा सरकार में भी स्थिति में जस की तस है, जबकि उन्हें मुख्यमंत्री का पदभार संभाले हुए चार महीने हो गए हैं। 

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चौधरी ने आरोप लगाया कि लगभग हर दिन विपक्षी समर्थकों पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया जाता है और हत्या और हाथापाई के मामले नियमित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दमनकारी और जनविरोधी भाजपा सरकार नवरात्र में ‘दुर्गा पूजा’ के बाद गिर जाएगी और राज्य जल्द ही भाजपा के दमन से मुक्त हो जाएगा, क्योंकि भगवा पार्टी बहुमत के समर्थन को बरकरार नहीं रख पाएगी। चौधरी ने दावा किया कि समाज का कोई भी वर्ग भाजपा के शासन से खुश नहीं है और जनता को राज्य सरकार के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। ताकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर रास्ता दिखाया जा सके।