त्रिपुरा (Tripura) में हुई हिंसा के मामले में जांच के लिए बीजेपी (BJP) ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। मंगलवार को उत्तर त्रिपुरा जिले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की एक रैली के दौरान चमटीला इलाके में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई और दो दुकानों में आग लगा दी गई थी। विहिप ने बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हाल में हुई हिंसा के विरोध में रैली का आयोजन किया था। भाजपा ने हिंसा में अपने सदस्यों के शामिल होने से इनकार किया है।

सांसद और भाजपा के त्रिपुरा प्रभारी विनोद सोनकर (MP and BJP Tripura in-charge Vinod Sonkar) ने कहा कि पार्टी ने एक समिति का गठन किया है जिसमें उसके अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सदस्य शामिल हैं। समिति को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और अगले दो या तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने कहा, चूंकि हमारे राजनीतिक विरोधी हम पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हैं, इसलिए हमने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सदस्यों से घटना की जांच करने को कहा है।

सप्ताहांत में त्रिपुरा में रहने वाले सोनकर ने हिंसा को अंजाम देने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी, जो राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है, 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, त्रिपुरा में टीएमसी का कोई आधार नहीं है; कोई भी पार्टी कार्यकर्ता उनसे जुड़ने को तैयार नहीं है इसलिए वे राज्य में धार्मिक तनाव और ध्रुवीकरण का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के साथ सोनकरने उन अटकलों का भी खंडन किया है जिनमें बताया जा रहा है कि राज्य में कुछ भाजपा नेता टीएमसी में शामिल होंगे।

वहीं त्रिपुरा में हुई हिंसा पर जानकारी देते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक भानुपाड़ा चक्रवर्ती ने कहा था कि पास के रोवा बाजार में कथित तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के तीन घरों और कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। एसपी ने कहा, ‘विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हाल में बांग्लादेश में हुई हिंसा के विरोध में रैली निकाली। लोगों के एक समूह ने रैली के दौरान चमटिल्ला में पथराव किया और एक मस्जिद के दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया।’