सत्तारूढ़ बीजेपी की त्रिपुरा इकाई ने तृणमूल कांग्रेस की तरफ से राज्य में ‘अशांति भड़काने’ की कथित साजिश के विरोध में शुक्रवार को ‘धिक्कार दिवस’ मनाया. पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष नबादल बानिक ने संवाददाताओं से कहा कि युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की राज्य इकाई ने राज्य की सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों और सभाओं का आयोजन किया, जिसका मकसद दुष्प्रचार फैलाने के टीएमसी के कथित प्रयास का पर्दाफाश करना था.

नबादल बानिक ने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता राज्य में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही कहा कि 7 अगस्त को टीएमसी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के उनके दो नेताओं पर हमारे लोगों ने धलाई जिले के अंबासा में हमला किया था. बानिक ने कहा कि उन पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ था और हमारे कार्यकर्ता किसी झड़प में शामिल नहीं थे.

वहीं त्रिपुरा बीजेपी के प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झूठा बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अंबासा में कथित रूप से घायल हुए टीएमसी नेताओं को पुलिस हिरासत में भोजन और पानी नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा कि उनके पास वीडियो फुटेज है, जिसमें उन्हें खाना और पानी दिया जा रहा है. साथ ही कहा कि टीएमसी जानबूझकर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर रही है ताकि विकास का फायदा आम लोगों तक न पहुंचे.

चक्रवर्ती ने कहा कि धिक्कार दिवस आयोजित करने का फैसला पार्टी की राज्य समिति ने लिया, क्योंकि ये टीएमसी की तरफ से अपना आधार बढ़ाने के तरीकों और साधनों की निंदा करता है. साथ ही कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले नेशनल टैग पाने की अपनी योजना के तहत टीएमसी त्रिपुरा में पैर जमाने की कोशिश कर रही है.