मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया में कई घरों पर हमला करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने माकपा की रैली में शामिल होने के कारण इन घरों पर हमला किया। इससे कुछ घंटे पहले भाजपा अल्पसंख्या मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य एवं त्रिपुरा वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बहरुल इस्लाम मजूमदार के छोटे भाई पर हमला हुआ था, जो तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 

माकपा ने आरोप लगाया है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने तीन घरों पर हमला किया, जिसके कारण पांच लोग घायल हो गए। माकपा के मुताबिक पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने बेलोनिया के सारासीमा क्षेत्र में सरकारी शिक्षक प्रमोद देवनाथ के घर पर पथराव किया और उनके साथ और उनकी पत्नी तथा बेटे के साथ मारपीट की। बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के एक बर्खास्त शिक्षक नरेश देवनाथ के घर पर हमला किया और जब उनका पता नहीं लगा, तो उनकी पत्नी के साथ मारपीट की और उनके भाई के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। 

माकपा नेता तपन दत्ता ने कहा, हमने भाजपा के 1394 वाम समर्थकों के उनकी पार्टी में शामिल होने का दावा करने के तीन दिन बाद शनिवार को बेलोनिया में एक विशाल रैली आयोजित की थी। स्थानीय भाजपा नेताओं ने अपने चेहरे को छिपाने के लिए झूठे दावे किये। भाजपा के कुशासन और लोगों के लगातार धोखा करने के कारण लोग हताश है और भाजपा को छोड़ रहे हैं। हम जानते हैं कि कोई भी भाजपा में शामिल नहीं हुआ है। उन्होंने (भाजपा) अपने कार्यकर्ताओं के साथ नाटक किया लेकिन आज की रैली ने भाजपा को बुरी तरह बेनकाब कर दिया। अब उन्होंने दूसरा विकल्प ढूंढ़ते हुए हम पर हमला कर दिया। 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोगों की आवाज को दबाने के लिए आतंक का माहौल तैयार किया है और यह राज्य में दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा, पिछले साढ़े तीन साल में भाजपा के गुडों द्वारा माकपा पर हजारों से अधिक बार हमले किए गए, लेकिन वे कुछ भी हासिल नहीं कर पाए। इसके बजाय भाजपा के वादों पर विश्वास करके जो लोग भाजपा में गए थे, अब वे पार्टी छोड़ रहे हैं। अब, भाजपा ने अपना आधार खो दिया है और उनके पास अपना कार्यकाल पूरा करने के लिए हिंसा करना ही एकमात्र विकल्प बचा है। उधर, डॉ. मजूमदार ने शहर के बधारघाट इलाके में शनिवार को दिनदहाड़े अपने छोटे भाई मुजीबुर इस्लाम मजूमदार पर हुए घातक हमले पर दुख व्यक्त किया है, जिसमें दो लोग घायल हो गए थे। 

तृणमूल सांसद डॉ. शांतनु सेन ने बताया कि घायल शुभंकर देवनाथ को शनिवार रात कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके सिर में चोटें आई हैं, जबकि मजूमदार के हाथ और पैर में फ्रैक्चर है और उनका अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है तथा उनकी स्थिति खतरे से बाहर हैं। इस बीच प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक राम प्रसाद जमातिया ने माकपा तथा तृणमूल के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा, दोनों ही घटनाएं दोनों पार्टियों (माकपा-तृणमूल) के अंदरूनी कलह की वजह से घटित हुई हैं और उनलोगों ने बड़ी कुशलता से हम पर आरोप मढ़ दिया। हम उनसे अपराधियों के खिलाफ एक विशिष्ट प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध करते हैं, क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा कोई भी समर्थक हिंसा में शामिल नहीं है। तृमणूल-माकपा से मिलीभग तक स्थिति को बिगाड़ रही है। 

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक मजूमदार के घर पर स्थानीय विधायक मिमी मजूमदार के चालक के नेतृत्व में भाजपा के स्थानीय गुंडों ने हमला किया था। इस घटना के समय तृमणूल कार्यकर्ता पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के संबोधन को बड़े पर्दे में सुनने के लिए इकट्टा हुए थे। बताया जा रहा है कि हेलमेट से चेहरों को ढंके भाजपा के कथित स्थानीय गुंडों ने बदमाशों ने अचानक घर पर धावा बोल दिया और लाठियों से हमला कर दिया। इस घटना में मजूमदार और देवनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए।