त्रिपुरा सरकार ने बर्ड फ्लू के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। हाल ही में केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में पक्षियों के बीच इसके प्रकोप और अगरतला में एक निजी फर्म के बतखों की अचानक हुयी मौत के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पशु चिकित्सा अधिकारियों ने बतखों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिये नमूने इकट्ठे किये हैं और मृत बतखों को सुरक्षित तरीके से दफना दिया गया है। इसके अलावा अधिकारियों ने क्षेत्र के आसपास  कड़ी निगरानी रखी है और पोल्ट्री (मुर्गीपालन) फर्मों को विशेष एडवाइजरी  जारी की है।      

 

पशु संसाधन विकास विभाग के निदेशक डॉ. के शशिकुमार ने राज्य के सभी पशुपालन फार्मों को किसी भी मुर्गी, बतख या प्रवासी पक्षी की असामान्य मौत और बीमारी पर सख्त निगरानी रखने की सलाह दी। उन्होंने जिला प्रशासन को बर्ड फ्लू को लेकर  पशुपालन से जुड़े लोगों और सामान्य लोगों में जागरुकता बढ़ाने के अलावा  लोगों को न डरने की सलाह देने के भी आदेश दिये हैं।

आदेश के मुताबिक कड़ी निगरानी करने के लिये संदिग्ध मामलों से नमूने इकट्ठे करने, नियमित स्व-निगरानी के तहत क्लोकल स्वाब, ट्रैशियल स्वाब और मलमूत्र समेत एवियन इन्फ्लुएंजा पर निगरानी योजना के अनुसार जैव सुरक्षा बरती जा रही है। राज्य सरकार ने 'रैपिड रिस्पांस टीम' के गठन का प्रस्ताव दिया है, ताकि अगर किसी  प्रयोगशाला की रिपोर्ट बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि करती है तो, जरुरत  पड़ने पर संभव समय में  पूर्ण नियंत्रण और रोकथाम अभियान चलाया जा सके।  सभी फार्म प्रभारियों को पहले ही उचित कीटनाशक के साथ नियमित सफाई प्रक्रिया  जारी रखने के लिये कह दिया गया है।