भाजपा के सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) और टीआईपीआरए मोथा के एक हजार से अधिक समर्थकों के भगवा पार्टी में शामिल होने के दो दिन बाद शाही वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मन के नेतृत्व वाले मोथा ने भाजपा के चार नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। 

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एक प्रेस वार्ता में टीआईपीआरए मोथा के अध्यक्ष बिजॉय कुमार हरंगखवल ने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेता दुर्गा चौमुहानी, आरडी ब्लॉक के ब्लॉक चेयरमैन कुमार हलम, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता एस के डारलोंग और मुजीब मियां और बीजेपी एसटी मोर्चा के अध्यक्ष खगेंद्र रियांग मोथा में शामिल हो बीजेपी छोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि टिपरा मोथा राज्य के सभी लोगों के लिए खुला है। हम विभिन्न दलों के अधिक से अधिक महत्वपूर्ण लोगों को जोड़ेंगे। हमारे साथ हमारी महिलाएं और युवा समूह हैं जो इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

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आपको बता दें कि त्रिपुरा में आदिवासी वोट के लिए संघर्ष ने एक और मोड़ ले लिया है। शाही वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने राज्य के अन्य बड़े आदिवासी संगठन आईपीएफटी से हाथ मिलाने की बात कही है। दरअसल दोनों संगठनों से एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद टीआईपीआरए मोथा प्रमुख ने ऐसा कदम उठाया है। त्रिपुरा सरकार में आईपीएफटी भाजपा की सहयोगी है, लेकिन दोनों के बीच संबंध खराब रहे हैं क्योंकि भाजपा अपने दम पर आदिवासी वोट में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।