केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ ब्रू शरणार्थी समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि जनवरी 2020 में हुए ब्रू शरणार्थी समझौते को अमल में लाने में अच्छी खासी प्रगति हुई है ।

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इस समझौते के तहत मिजोरम से विस्थापित हुए ब्रु समुदाय के लोगों को त्रिपुरा में पुनर्वास किया जा रहा है। समझौते के तहत विस्थापित परिवारों को मुआवजा देने का भी प्रावधान है। अब तक करीब 7000 परिवारों के 37000 से अधिक लोगों का पुनर्वास किया जा चुका है। इसके अलावा अन्य लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी चल रही है। करीब ढाई हजार लोगों के लिए आवासों का निर्माण किया गया है। इन लोगों को आधार संख्या और मतदाता पहचान पत्र भी जारी किए जा रहे हैं। 

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वहीं दूसरी तरफ त्रिपुरा के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार 32 सामाजिक भत्तों के तहत कुल 3 लाख 18 हजार 415 लाभार्थियों के लिए प्रति वर्ष 603.89 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो डॉ. माणिक साहा ने 'प्रति घोर शुशासन' (हर घर सुशासन) के शुभारंभ के दौरान राज्य भर के लाभार्थियों के लिए सामाजिक पेंशन में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। चौधरी ने अगरतला के सिविल सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र और राज्य वित्त पोषित सामाजिक भत्ते के तहत 3,18,415 लाभार्थियों के लिए सितंबर, 2022 से लागू किया जा रहा है।