अगरतला (भारत) और अखौरा (बांग्लादेश) के बीच भारत-बांग्लादेश रेलवे लिंक पर धीमी गति से चल रहे काम से निराश बांग्लादेशी रेल मंत्री मोहम्मद नूरुल इस्लाम सुजान ने निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तय समय दिसंबर तक काम पूरा नहीं होता है तो टेंडर निरस्त कर नए सिरे से जारी किया जाएगा। बता दें कि भारत-बांग्लादेश रेल लिंक परियोजना के 30 प्रतिशत निर्माण कार्य परियोजना की समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई, लेकिन अभी भी काम की रफ्तार काफी धीमी है।

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बांग्लादेश के रेल मंत्री ने कहा कि  सरकार वर्तमान में काम कर रही निर्माण कंपनी के साथ समझौते को तोड़ने के लिए मजबूर होगी और दिसंबर तक शेष काम पूरा नहीं होने पर काम को तेज करने के लिए नए सिरे से टेंडर जारी करेगी। रेलवे लिंक परियोजना के निर्माणाधीन स्थल के निरीक्षण के दौरान बांग्लादेश के रेल मंत्री के साथ बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी भी थे। उन्होंने कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से दोनों देशों की आम जनता को समान रूप से लाभ होगा।

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वहीं बांग्लादेश के मंत्री ने कहा, भारत और बांग्लादेश के बीच कनेक्टिविटी के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। जमीन, पानी और हवा के जरिए संबंध मजबूत किए जा रहे हैं। हमें इस बात की पुष्टि करनी चाहिए कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करने के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना का समय पर पूरा होना जरूरी है। मोहम्मद नुरुल इस्लाम सुजान ने यह भी कहा, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना का उद्घाटन किया, लेकिन काम की वर्तमान स्थिति निराशाजनक है। निर्माण एजेंसी ने कहा है कि अगले साल जून तक पटरियों को बिछाने का काम शुरू किया जा सकता है जबकि सिग्नलिंग स्टेशन, भवन आदि स्थापित करने जैसे अन्य कार्यों में कुछ और समय लगेगा।