एशियन विकास बैंक (Asian Development Bank) (एडीबी) त्रिपुरा को आर्थिक सहयोग के सिद्धांत पर चरणबद्ध तरीके से अगले पांच साल में 8000 करोड़ कई विकास परियोजनाओं के लिए देने को तैयार हो गया। गौरतलब है कि एडीबी त्रिपुरा में रणनीतिक समझौता अभियान के तहत बीते दो दिन से है। 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि एडीबी ने अब तक दोनों राशि और ऋण को कई परियोजनाओं में वर्ष 2005 से मंजूरी दे दी, लेकिन ढांचागत क्षेत्र में प्रस्तावित योजना के लिए आर्थिक सहयोग सबसे बड़ा बाहरी आर्थिक सहयोग, राज्य के लिए कहे गए समय के अनुसार होगा। एडीबी का निर्णय एडीबी के नेतृत्व में एक्जीक्यूटिव निदेशक एडीबी समीर खरे और काउंटी निदेशक टेकियो कोनिशी के साथ मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब (Biplab kumar deb), उप मुख्यमंत्री जिष्णु देब वर्मा (Jishnu Deb Verma) और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के शिष्टमंडल की बैठक श्रृंखलाओं का परिणाम है। 

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जहां मुख्यमंत्री (Biplab kumar deb) ने राज्य के प्राथमिक विकास क्षेत्र में सहयोग करने का अनुरोध किया था। इसके साथ एडीबी तकनीकी सहयोग मुहैया कराने और राज्य सरकार के गतिविधि और विकास कार्यक्रम को दुरुस्त करने की पढ़ाई के सहयोग के लिए तैयार हो गया। अधिकारियों ने कहा कि बैठक में परियोजना जिसमें बांग्लादेश के साथ क्षेत्रीय सहयोग की पहचान की गई है और दोनों देश की सरकार को सहमति के साथ आगे बढ़ने के लिए फैसला लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसर मुख्यमंत्री देब ने एडीबी (ADB) के साथ बैठक में उनकी सरकार के राज्य के सामाजिक- आर्थिक विकास की ओर ध्यान आकृष्ट किया। जिसमें स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा, यातायात, पर्यटन, कृषि और ढांचागत क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जाएगी। एडीबी अधिकारियों ने प्राथमिक क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए जुड़ने में रुचि दिखाई। 

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मुख्यमंत्री (Biplab kumar deb,) ने त्रिपुरा को मादक पदार्थ मुक्त बनाने में राज्य सरकार के सहयोग के लिए एडीबी को समर्थन देने की मांग की और अवगत कराया कि वर्ष 2047 तक के लिए विकास को रोड मैप तैयार कर लिया गया है। राज्य के अगले 25 वर्षों के समग्र उन्नति के लिए जहां सरकार एडीबी का सहयोग चाहती है। उप मुख्यमंत्री जिष्णु देब वर्मा ने कहा कि बैठक में राज्य में भूभाग का 70 प्रतिशत वन क्षेत्र के तहत है और एडीबी के पास उद्योग, ढांचागत विकास, पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्रों में निवेश के अलावा पर्यावरण बदलाव और जलवायु परिवर्तन कम करने की गतिविधियों पर आधारित विभिन्न योजनाओं में कार्य करने की गुंजाइश है।