आम आदमी पार्टी (आप) 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले त्रिपुरा में अपना एक महीने का सदस्यता अभियान शुरू करने के लिए तैयार है। आप के पूर्वोत्तर प्रभारी राजेश शर्मा ने कहा कि हमारी पार्टी त्रिपुरा को हिंसा और भ्रष्टाचार से मुक्त बनाना चाहती है। कई पहले ही हमसे जुड़ चुके हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हमारा सदस्यता अभियान जल्द ही शुरू होगा।

ये भी पढ़ेंः खाली विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन ने 12 और 13 मई को दिल्ली में बुलाई बैठक


बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) गठबंधन 2018 से राज्य में सत्ता में है। AAP के पूर्वोत्तर चुनाव प्रभारी मनीष कौशिक ने कहा कि AAP स्वास्थ्य, पेयजल और समग्र विकास से संबंधित नागरिक समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा, हमारा ध्यान जनता का समर्थन हासिल करने पर है और अगर हमें उनका समर्थन मिलता है तो हमारी पार्टी आगामी चुनावों की तैयारी कर सकती है।

ये भी पढ़ेंः मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने लाओस स्थित अगरवुड निवेशकों से की मुलाकात


वहीं  दूसरी तरफ त्रिपुरा में भाजपा को झटका लगा है। दरअसल मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब पर 'कुशासन' का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डॉ. दिलीप दास के छोटे भाई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुबल भौमिक ने भाजपा विधायक के छोटे भाई धीरज दास के पिछले चार साल से भाजपा से जुड़े रहने का दावा करते हुए कहा कि पार्टी को सत्ता में लाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की बदले की राजनीति और भाजपा-आईपीएफटी (इंडिजिनस पीपल फ्रंट ऑफ त्रिपुरा) सरकार की हिंसा एवं भ्रष्टाचार से खफा होकर वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।