राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी। राज्य के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने इस बात का ऐलान किया है। रतन लाल नाथ ने कहा कि त्रिपुरा राजनीतिक हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों में से प्रत्येक को प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी देगी। लंबे समय से राज्य में राजनीतिक हिंसा के पीड़ित परिवार नौकरी की मांग कर रहे थे।

नौकरियों के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए 22 दिसंबर को मंत्री रतन लाल नाथ के नेतृत्व में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया। अगरतला में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए, कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक बैठक में उन लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का निर्णय लिया था जिन्होंने मार्च 2018 तक राजनीतिक हिंसा में अपनी जान गंवा दी थी, शैक्षणिक योग्यता और अपेक्षित मानदंडों के के अनुसार ही नौकरी दी जाएगी।

गुरुवार को समिति की पहली बैठक हुई। समिति की बैठक में प्राप्त 10 आवेदनों में से सात को योग्य पाया गया। मगर इसमें से 6 लोगों को समिति ने नौकरी देने की सिफारिश की। एक आवेदक की शैक्षिक योग्यता में कमी पाई गई थी।

कानून मंत्री रतन लाल नाथ के मुताबिक राज्य मंत्रिमंडल अयोग्य उम्मीदवार को वित्तीय सहायता या शैक्षिक योग्यता में छूट देने पर विचार करेगा। बकौल रतन लाल नाथ 2018 में सरकार बनाने के बाद से हमने पूरे राज्य में हिंसा पीड़ित परिवारों से सरकारी नौकरियों के लिए कई आवेदन प्राप्त किए हैं।

रतन लाल नाथ ने बताया कि जो लोग योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए आवेदन पत्र राज्य भर के एसडीएम कार्यालयों में उपलब्ध होंगे। आवेदकों को राजनीतिक हिंसा में मारे गए या लापता लोगों के रिश्तेदारों को जन्म, स्थायी निवास, शैक्षिक योग्यता, जाति और मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।आवेदक के दावे की पुष्टि करने वाले अन्य रिश्तेदारों से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा।