राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि अगरतला नगर निगम (Agartala Municipal Corporation), 13 नगर परिषदों और छह नगर पंचायतों सहित त्रिपुरा में 20 नगर निकायों के चुनाव के लिए 821 नामांकन दाखिल किए गए, जो जांच के बाद वैध पाए गए। पूर्वोत्तर राज्य में निकाय चुनाव 25 नवंबर को होने हैं। परिणाम तीन दिन बाद 28 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। एएमसी की 51 सहित कुल 334 सीटों पर मतदान होगा।

सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) ने सभी 334 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि विपक्षी माकपा (CPI(M)) ने 212 सीटों पर, भाकपा (CPI) ने छह सीटों पर, एआईएफबी ने पांच सीटों पर और आरएसपी ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। टीएमसी (TMC) ने 124 सीटों पर और कांग्रेस (Congress) ने 100 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 29 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 3 नवंबर थी। अधिकारियों ने कहा कि बीजेपी के अलावा किसी भी पार्टी ने सभी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।

शुक्रवार को बीजेपी ने स्थानीय निकाय चुनाव में 20 में से 7 निकायों पर निर्विरोध जीत हासिल की थी। इन 7 सीटों पर विपक्षी दलों ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारे थे, जबकि बीजेपी ने सभी 20 शहरी निकायों पर 336 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। वहीं पांच स्थानीय निकायों में विपक्ष ने नामांकन भी दाखिल नहीं किया था, जबकि दो अन्य सीटों पर बीजेपी के अलावा किसी और पार्टी का उम्मीदवार ही नहीं उतरा था।

हालांकि विपक्ष ने नामांकन दाखिल नहीं करने को लेकर दलील देते हुए कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से राज्य में हिंसा फैला रहे हैं, जिसकी वजह से विपक्ष के नेता अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके। सत्तारूढ़ बीजेपी ने त्रिपुरा में 20 में से सात शहरी स्थानीय निकायों में बिना किसी स्पर्धा के जीत हासिल की है। विपक्षी सीपीएम, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और टीआईपीआरए मोथा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पिछले कुछ दिनों से राज्यभर में बड़े पैमाने पर हिंसा का सहारा लिया और नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन से ही सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विपक्ष को रोकने के लिए निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों को घेर लिया।