गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए इस वर्ष 13 राज्यों से करीब 200 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इसके अलावा नेपाल और दमन-दीव से भी विद्यार्थियों ने पढ़ने की इच्छा जताई है। पीएचडी के लिए होने वाली रेट के लिए 75 फीसदी आवेदन दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने किए हैं। इन आवेदनों से विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उसे एनआईआरएफ रैंकिंग में अच्छे नंबर हासिल हो सकेंगे।

मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) किया जाता है। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने स्नातक एवं परास्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि को 12 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। दूसरे राज्यों में इसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया गया। जिसका नतीजा भी सामने आया है और दूसरे राज्यों से आवेदन आने शुरू हो गए हैं।

आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली से 10, हरियाणा से 28, पश्चिम बंगाल से 27, नेपाल से 67 सहित अन्य राज्यों से अभ्यर्थियों के आवेदन आए हैं। कई विद्यार्थियों ने दमन-दीव से भी ऑनलाइन स्नातक में पढ़ाई के लिए आवेदन किए हैं। इधर विश्वविद्यालय में रेट और विदेशी छात्रों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी गई है। पहले यह 12 अक्तूबर ही निर्धारित की गई थी।

इन राज्यों से आए हैं आवेदन

दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मेघालय, असम, बिहार, पंजाब, त्रिपुरा, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दमन-दीव और नेपाल से भी आवेदन।