त्रिपुरा में कोरोना महामारी को लेकर लागू रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान आयोजित शादी समारोह में शिरकत करने वाले 31 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इसमें 19 महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि, शहर के एक अन्य विवाह समारोह स्थल पर भी छापेमारी की गई, लेकिन यहां से किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।

मुख्य सचिव मनोज कुमार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अगरतला के नगर निगम क्षेत्र में रात के 10 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया था। सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने गाइडलाइन भी जारी की थी।

जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव ने देर रात शहर के दो विवाह मंडपों पर छापेमारी की। इन स्थानों पर जारी गाइडलाइन से कहीं ज्यादा संख्या में पुरुष और महिलाएं उपस्थित थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने 19 महिलाओं सहित 31 लोगों को तत्काल हिरासत में ले लिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन वैवाहिक समारोहों में शामिल लोग हाई प्रोफाइल हैं। ये खूब पढ़े-लिखे भी हैं। बावजूद इसके इन्होंने कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैंने इन आयोजनों को मूकदर्शक बनकर देखने वाले पुलिस वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों सहित कुछ लोगों ने जिलाधिकारी पर दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि जिलाधिकारी ने पुजारियों तक से धक्का-मुक्की की।