बांग्लादेश में डेरा डाले हुए कट्टर साम्प्रदायिक रोहिंगिया आतंकवादियों ने पुनर्वास के लिए धर्मनिरपेक्ष और उदार भारत को अपने गंतव्य के रूप में चुना है ताकि वे किसी न किसी बहाने यहां परेशानी पैदा कर सकें। यह बात कहीं न कहीं सही साबित होती है कि बहुसंख्यक बांग्लादेश सरकार इस प्रक्रिया को सहायता और बढ़ावा दे रही है। दरअसल में,  त्रिपुरा राजधानी अगरतला के रेलवे स्टेशन पर 3 रोहिंग्या लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


यह बात अगरतला रेलवे पुलिस थाने में तीन रोहिंगियाओं को स्टेशन पर घूमते हुए हिरासत में लिए जाने से सामने आई है। उनकी संदिग्ध हरकत को देखते हुए रेलवे प्राधिकरण ने इसकी सूचना अमटोली थाने को दी जिसके अधिकारी पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों ने कहा कि पकड़े गए रोहिंगिया ने प्राथमिक पूछताछ में खुलासा किया था कि विधायक अमानतुल्ला खान जैसे धर्मनिरपेक्ष शांतिपूर्ण के संरक्षण में यहां पुनर्वास के लिए दिल्ली पहुंचने की उनकी योजना थी।

अब उनके कागजातों की अमटोली थाने के अधिकारियों द्वारा सही तरीके से जांच की जा रही है। वैसे जानकारी के लिए पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के कई इलाकों में रोहिंग्या नई पहचान लेकर निवास कर रहे हैं और देश की आर्थिक स्थिति के कहीं न कहीं ये लोग जिम्मेदार है। बांग्लादेश सरकार भारत देश की दोस्त होने के बाद भी इस पर रोक नहीं लगा रही है।