त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री जिष्णु देब बर्मा ने बुधवार को विधानसभा को बताया कि सितंबर 2020 से इस साल जनवरी के बीच विभिन्न पुलिस थानों में हत्या के 166 मामले दर्ज हुए। विधानसभा में भाजपा विधायक रंजीत दास द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में अस्थायी रूप से गृहमंत्रालय का कार्यभार भी संभाल रहे जिष्णु देब ने सदन को बताया कि पुलिस ने आपराधिक मामले में शामिल 263 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया है। 

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इस दौरान 36 महिलाओं और 42 नाबालिग लड़कियों को बलात्कार का दंश झेलना पड़ा है इनमें से 21 आदिवासी समुदाय से जुड़ी हैं। पुलिस ने अपहृत 44 महिलाओं और नाबालिगों को आजाद कराया और इन मामलों में शामिल 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। विधानसभा में विपक्षी माकपा सदस्यों ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार का घेराव किया और कहा कि आम जनता के बीच खौफ बढ़ रहा है। 

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विपक्षी नेता मानिक सरकार ने राज्य में मॉब लीचिंग जैसी घटनाओं से बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा के समय में घटनाओं में और तेजी से वृद्धि हुई है। मानिक ने कहा कि इन तीन सालों में विधायकों और मीडियाकर्मियों सहित विपक्षी पार्टी के समर्थकों पर तेजी से हमले बढ़े हैं और पुलिस ने अभी तक अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।