असम-मिजोरम सीमा पर संघर्ष के बाद हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। पिछले दो दिन से किसी तरह की हिंसक घटना तो नहीं हुई है लेकिन हालात अभी तनावपूर्ण हैं। इलाके में सीआरपीएफ भी तैनात है। बताते चलें कि सोमवार को असम के कछार जिले से लगी मिजोरम की सीमा पर दोनों राज्यों के पुलिस कर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।

मिजोरम से सीमा पर चल रहे तनाव के बारे में सवाल किए जाने पर असम के मंत्री परिमल शुक्लबैद्य का कहना है, 'हालात तनावपूर्ण हैं लेकिन पिछले दो दिन से कोई हिंसक घटना नहीं सामने आई है। इलाके में सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद हैं। कुछ लोग अब भी राज्य के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी पुलिस और जनता अलर्ट है।'

इस बीच त्रिपुरा से नागरिकों के पलायन की खबर है। मिजोरम सीमा से लगे उत्तरी त्रिपुरा के दमचेरा से 1500 लोगों ने असम पलायन किया है। दो दिन पहले हुई झड़प के बाद इन लोगों ने असम के करीमगंज जिले में शरण ली है। बताया जा रहा है कि लैलापुर-वैरेंगटे इलाके में असम-मिजोरम बॉर्डर पर हुई झड़प के बाद हलाम और चरई जनजाति के परिवारों ने लोंगाई नदी पार की। इसके बाद ये लोग असम के सीमावर्ती गांवों में शरण लिए हुए हैं।

असम-मिजोरम की अशांत सीमा पर तटस्थ केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा। यहां संघर्ष में 6 पुलिस कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में दो घंटे तक चली बैठक में यह निर्णय लिया गया है। असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ और पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत और मिजोरम के उनके संबंधित समकक्षों लालनुनमाविया चुआंगो और एसबीके सिंह ने बैठक में हिस्सा लिया।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों राज्य सरकारों ने एनएच-306 पर अशांत स्टेट बॉर्डर पर तटस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती के लिए सहमति व्यक्त की है। तटस्थ बल की कमान सीएपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में होगी। इसके अलावा बल के कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए दोनों राज्य सरकारें उचित समय सीमा में केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से व्यवस्था करेंगी।