वाराणसी में विश्वनाथ मंदिर के साथ कॉरिडोर (Vishwanath temple in Varanasi ) बनाकर उसे विश्वनाथ धाम (Vishwanath Dham) का रूप देने के बाद अब पूरी काशी को बदलने का खाका तैयार कर लिया गया है। वाराणसी की सबसे बड़ी समस्या जाम से आम लोगों और पर्यटकों को राहत देने के लिए बड़ी योजना धरातल पर उतरने वाली है। कई सड़कों को दो लेन, चार लेन और छह लेन किया जाएगा। इनमें सभी सड़के शहरी इलाकों की हैं। बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए चौड़ीकरण अभियान को मंजूरी दे दी गई। 

वाराणसी में कालीमाता मंदिर (Kalimata Temple in Varanasi)  से आवास विकास कॉलोनी होते हुए वाराणसी आजमगढ़ रोड तक मार्ग के 2.40 किलोमीटर में 02 लेन व 4.10 किमी. में (पांडेयपुर चौराहे से रिंग रोड तक) 04 लेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति।

वाराणसी के लहरतारा से बीएचयू, रविंद्रपुरी कॉलोनी होते हुए विजया सिनेमा तक मार्ग के चैनेज 0 से 7.212 तक 04 लेन एवं चैनेज 7.212 से 9.512 तक 06 लेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति दे दी गई है। वाराणसी में कचहरी से आशापुर चौराहा होते हुए संदहा तक मार्ग का फोर लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति।

कैंट से गिराजाघर क्रासिंग तक चलेगी रोप-वे

इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता को और बढ़ाने के लिए वाराणसी में रोप-वे चलाने पर मुहर लग गई है। कैंट स्टेशन से गोदौलिया के गिरजाघर क्रासिंग तक 3.65 किलोमीटर रोप-वे चलेगी और इसमें चार स्टेशन होंगे। गोदौलिया चौराहे की सूरत पहले ही बदली जा चुकी है।

गोदौलिया वही जगह है जहां काशी दौरे के दौरान आधी रात पीएम मोदी पहुंचे और पैदल ही निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से रोप के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

माना जा रहा है कि रोप-वे पर रोजाना 80 हजार यात्री चलेंगे। वाराणसी में पीपीपी मॉडल पर रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 410 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें 20 फीसदी वायबिल्टी गैप फंडिंग केंद्र और 20 फीसदी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष 60 फीसदी कंसेशनेयर यानी प्राइवेट पार्टनर द्वारा खर्च किया जाएगा। केंद्र सरकार ने अपनी हिस्सेदारी देने के लिए अनुमति दे दी है।

आवास विभाग ने पूर्व में पीपीपी गाइडलाइन्स के अंतर्गत 21 अक्तूबर 2021 को इवैलुएशन कमेटी गठित की है। बिड इवैलुएशन कमेटी की संस्तुति में वाराणसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में रोप-वे केबल कार की पायलट परियोजना पीपीपी मॉडल पर चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।

इसके लिए मूल आरएफपी डाक्यूमेंट व ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट व प्री-बिड के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित संशोधन फिजिबिलिटी रिपोर्ट व परियोजना के कैपिटल कास्ट 410 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।

इस रोप-वे परियोजना से वाराणसी के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जहां एक ओर यातायात का दबाव कम होगा वहीं दूसरी ओर वाराणसी नगरवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं को त्वरित आरमदायक सुरक्षित व कम लागत की परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी। परियोजना के क्रियान्यवन से प्रदूषण में कमी, यात्रा समय में बचत और दुर्घटनाओं में कमी होगी।