इस दिवाली पटाखों पर देश के कई इलाकों में पटाखों का शोर कुछ कम सुनाई पड़ेगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है इन इलाकों केवल ग्रीन पटाखे फोड़ें। इसी वजह से दिवाली पर ग्रीन पटाखे चलाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि यह बात कई लोग नहीं जानते कि ग्रीन पटाखे होते क्या हैं और इन्हें कहां से खरीदें। ऐसे में आपको इस बारे में बता  रहे हैं सबकुछ...

मार्केट में अभी ग्रीन पटाखों के तौर पर केवल सिर्फ दो तरह के पटाखे मिल रहे हैं। इसमें फुलझड़ी और अनार शामिल हैं। इतना ही नहीं बल्कि आपको ग्रीन पटाखे वाले डिब्बे साथ रखने होंगे। क्योंकि इन पर लगी मोहर से ही पुलिस को पता चलेगा कि ये ग्रीन हैं या नहीं।

आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में जरूरत के हिसाब से महज 5 से 10 प्रतिशत ही ग्रीन पटाखे उपलब्ध हैं। ये पटाखे तमिलनाडु के शिवकाशी में बनते हैं। आपको बता दें कि ग्रीन पटाखों से पर्यावरण को बिल्कुल नुकसान नहीं होता तो यह गलत है। ये पटाखे आम पटाखों की तुलना में 30 से 35 प्रतिशत प्रदूषण कम करते हैं। इनका इस्तेमाल प्रदूषण कम करने का कोई स्थाई समाधान नहीं है।

ग्रीन पटाखों में बेरियम नाइट्रेट का इस्तेमाल नहीं होता है। साथ ही इनमें एल्युमिनियम की मात्रा भी काफी कम रखी जाती है। इनमें राख का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता। इनमें किसी तरह का केमिकल इस्तेमाल न होने की वजह से ग्रीन पटाखे सिर्फ सफेद और पीली रोशनी ही देते हैं।