नई दिल्ली। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चैयरमैन विक्रम किर्लोस्कर का 29 नवंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनकी उम्र 64 साल थी। टोयोटा के कारोबार को भारत में लाने का पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है और उन्हें भारत के ऑटोमोटिव उद्योग के बड़े चेहरों के रूप में याद किया जाता है।

ये भी पढ़ें- असम के मुख्यमंत्री सरमा ने फिर दोहराया, आम नागरिकों पर पुलिस की गोलीबारी उचित नहीं

किर्लोस्कर ग्रुप दशकों से भारत के विकास में एक बड़ा कॉन्ट्रिब्यूटर रहा है। विक्रम किर्लोस्कर के पिता श्रीकांत किर्लोस्कर एसएल किर्लोस्कर के बेटे थे जो किर्लोस्कर समूह के विस्तार में व्यवसायी सहायक थे। विक्रम किर्लोस्कर का जन्म नवंबर 1958 में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ऊटी के लॉरेंस स्कूल में की।

अपने स्कूल के बाद, विक्रम के प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में चले गए, जो उनके दादा के अल्मा मेटर भी थे। उन्होंने MIT से मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में ग्रेजुएशन किया। उनकी मैकेनिकल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड ने उन्हें पारिवारिक व्यवसाय में शामिल होने में मदद की, उन्होंने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया था। विक्रम किर्लोस्कर अपनी पत्नी गीतांजलि किर्लोस्कर के साथ बेंगलुरु में रहते थे। विक्रम और गीतांजलि पहली बार म्यूचुअल फ्रेंड्स पार्टी में मिले थे। जिसके बाद उन्होंने डेटिंग शुरू कर दी। उस वक्त गीतांजलि 18 साल की थीं और विक्रम 24 साल के। महीनों की डेटिंग के बाद उन्होंने शादी कर ली।

ये भी पढ़ें- फिरोजाबाद में इन्वर्टर फैक्ट्री में भीषण आग, 3 बच्चों सहित 6 की मौत

30 सितंबर, 2022 को फाइल की गई कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग के मुताबिक, विक्रम श्रीकांत किर्लोस्कर के पास सार्वजनिक रूप से 5 शेयर हैं, जिनकी कुल संपत्ति रु. 10.1 करोड़। वित्तीय वर्ष 2022 31 मार्च को समाप्त होने वाली रिपोर्ट के अनुसार टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड का राजस्व / टर्नओवर INR 500 Cr से अधिक है। कंपनी की नेटवर्थ में 20.84% ​​की बढ़ोतरी हुई है। EBITDA में 308.01% की बढ़ोतरी हुई है, कंपनी की कुल संपत्ति में 13.58% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की देनदारी 30.71% बढ़ी।