नॉर्थईस्‍ट इंडिया में त्रिपुरा एक पहाड़ी राज्‍य है। आप को त्रिपुरा जाने के लिए हर प्रमुख शहर से बस की सुविधा मिलेगी जिससे आप त्रिपुरा की राजधानी अगरतला पहुंच सकते हैं। आप कोलकाता से हवाई यात्रा के जरिए भी त्रिपुरा पहुंच सकते हैं।

अक्सर इस जगह की खूूबसूरती,यहाँ की संस्कृति और विरासत की अनोखी छवि पर्यटकों का मन मोह लेते है। मनमोहक प्रकृति की सुंदरता के साथ सुंदर इमारतें, ऐतिहासिक स्मारक और सुंदर झीलें की खूबसूरती को निहारने के लिए दूर दूर से लोग खिंचे चले आते हैं। यहाँ स्थित लेक का नजारा संर्दियों के मौसम में बड़़ा सुखद होता है जब यह जगह प्रवासी पक्षियों का डेरा बन जाता है।

यहां संस्कृति के साथ विरासत की झलक दिखाई देती है। यहां आप को हर ओर सिर्फ प्रकृति की सुंदरता ही नजर आएगी। यहां कॉलेज तिला इलाके में बनी सुंदर इमारतें व स्मारक आप का ध्यान आकर्षित करते हैं। यहां एक सुंदर झील भी है। जो सर्दियों में प्रवासी पक्षी से घिरी रहती है। अगरतला बंगाल के किसी समृद्ध कस्बे जैसा दिखाई देता है। 

यहाँ नदी के समीप एक उज्जयंत महल है जिसका निर्माण 19वीं सदी के आरंभ में किया गया था। महल की बनावट में भारतीय-अरबी स्थापत्य कला की अनोखी झलक दिखाई देती है।

महल के बड़े बड़े गुम्बद, लंबे बरामदे, दरवाजे पर उकेरी गई बारीक नक्काशियाँ एवं फव्वारे बड़े ही लुभावने जान पड़ते हैं। 1947 तक माणिक्य राजवंश का निवास स्थान रह चुके इस महल एक भाग में आज भी उनके वंशज निवास करते हैं। महल में स्थित संग्रहालय और हाथी दांत से निर्मित राज सिंहासन दर्शनीय है। इसके अलावा यहाँ पुष्पवंत महल और मालंच निवास भी बेहद आकर्षक हैं।

यहां पुष्पवंत महल तथा मालंच निवास भी देखने लायक हैं। अगरतला से 53 किलोमीटर दूर स्थित मेलाघर में नीर महल भी अति सुंदर है। अगरतला से बंगलादेश और भारत के बीच की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है। 

शाम को 5 बजे भारत की ओर से सीमा सुरक्षा बल यानी बी.एस.एफ. तथा दूसरी ओर से बंगलादेश राइफल्स के जवान अपने-अपने राष्ट्र ध्वज उतारते हैं। यह आयोजन सीमा पर बने गेट पर होता है। जिसे देखने के लिए यहां भारी भीड़ लगती है। 

यहाँ स्थित शहर विशिष्ट संस्कृति, विरासतों के चलते काफी फेमस हैं। हो आरा नदी के किनारे बसा अगरतला, त्रिपुरा की राजधानी है जहाँ आप भारतीय बंगालियों समेत भिन्न जनजातियों की जीवनशैली का अनोखा मेल देख सकते हैं।