फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर रात्रिकालीन चतुर्दशी होने से शुक्रवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शिवालयों में तड़के से ही लोग शिवआराधना में लीन नजर आएंगे। तड़के से दूसरे दिन यानी शनिवार सुबह तक शिवालयों में पूजा-अर्चना होगी। दिनरात शिवालय खुले रहेंगे। शिवरात्रि पर इस बार शुक्रवार को साथ श्रवण नक्षत्र और वरियान योग रहेगा, वहीं शनि और चन्द्रमा का मकर राशि में विशेष संयोग बन रहा है, जो साधकों के लिए विशेष फलदायी होगा।गुजरात के मोसाद मंदिर में करीब 5000 हजार साल पुराने शिवलिंग के दर्शन के

लिए भी भीड़ उमड़ रही है। मोसाद शहर से करीब 14 किमी दूर होने के चलते यह

मोसाद शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है। शिवभक्‍त 5000 हजार साल पुराने

शिवलिंग के दर्शन करने के लिए आतुर रहते हैं।


यह अनोखा शिवलिंग साल 1940 में एक खुदाई के दौरान मिला था। इस शिवलिंग के दर्शन के लिए यहां पर काफी दूर-दूर से भक्‍त आते हैं। लोगों की मान्‍यता है कि इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। शिवलिंग काफी पुराना होने से लोग इसे चमत्‍कारिक मानते हैं।


यह मंदिर पूर्वा नदी के तट पर स्थित है और बहुत से लोग जलेश्वर महादेव मंदिर के रूप में भी जानते हैं। खुदाई में मिलने के बाद शिवलिंग की जांच की गई थी। उस समय यह बात सामने आई थी कि यह शिवलिंग करीब 5000 साल पुराना है। इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए लोग दूर दूर से आते हैं। मंदिर में साल भर शिव भक्‍त आते रहते हैं। सावन के महीने में यहां हर दिन मेले जैसा माहौल देखने को मिलता है।