भारतीय शेयर बाजार के साथ शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी कोरोना वायरस के नए वेरिएंट (New variants of the corona virus) के दहशत में दिखे।  अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज शुक्रवार को गिरावट के साथ खुले।  ट्रैवल, बैंक और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली।  कोरोना वायरस के संभावित खतरनाक वेरिएंट मिलने (Dangerous variants of the corona virus) की खबर से बिकवाली को लेकर काफी दबाव देखने को मिला। 

Dow Jones इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 800 अंक लुढ़क कर कारोबार कर रहा था। वहीं S&P 500 शुरुआती कारोबार में करीब 1.4 पर्सेंट के साथ ट्रेड कर रहा था।  सितंबर के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है। 

न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज का Nasdaq Composite इंडेक्स 1.14 पर्सेंट या 180.85 अंक गिरकर 15,664.38 पर खुला। ट्रैवल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है, जिसमें Royal Caribbean, Carnival और Norwegian Cruises जैसी कंपनियों के शेयर 10 पर्सेंट लुढ़ककर कारोबार कर रहे हैं।  यूएस ट्रेजरी यील्ड में शुक्रवार को कोरोना महामारी की शुरूआत होने के बाद से सबसे तेज गिरावट आई, क्योंकि निवेशक दक्षिण अफ्रीका में एक नए कोरोना वायरस वैरिएंट मिलने के बाद अब निवेश के सेफ ठिकाने ढूढ़ने में लग गए हैं। 

इससे पहले भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई थी।  एक अनुमान के मुताबिक, निवेशकों ने एक ही दिन में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए गंवा दिए।  BSE सेंसेक्स में 1,687.9 अंकों की और निफ्टी में 509.8 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।  26 नवम्बर को हुई यह गिरावट भारतीय शेयर बाजार में इस साल की 3 सबसे बड़ी गिरावट में से एक रही है।  इस गिरावट से पहले लगभग एक महीने के दौरान शेयर बाजार 6 प्रतिशत तक गिर चुका था। अपने हाई के बाद हुई इस गिरावट में निवेशकों के 16 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं।