गणतंत्र दिवस (Republic day) की पूर्व संध्या पर देश की कई फेमस हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म श्री अवार्ड (Padma Shri Award) देने की घोषणा की गई है। इस सूची में बंगाल की मशहूर गायिका संध्या मुखर्जी (Famous singer Sandhya Mukherjee) का भी नाम है। लेकिन गायिका ने यह सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे अपना अपमान बताया। गायिका के एक पारिवारिक मित्र ने बताया कि जब केंद्र सरकार (central government) के अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार की दोपहर इस बात की सूचना दी तब उन्होंने अवार्ड लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि पद्म श्री उनके जैसी अनुभवी शख्सियत को दिया जाने वाला अवार्ड नहीं है। इस अवार्ड को लेना अपमान के बराबर होगा।

बता दें कि 90 साल की गायिका संध्या मुखर्जी साउथ कोलकाता के लेक गार्डन इलाके में रहती हैं। इन्होंने बंगाली फिल्मों में हजारों गाने गए हैं और उनकी पहचान आधुनिक और सेमी-क्लासिकल म्यूजिक एलबम को लेकर भी है। उन्होंने प्रसिद्ध गायक हेमंत मुखर्जी के साथ भी कई गाने गाए हैं जो काफी पॉपुलर रहे हैं। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी हेमंत कुमार (Hemant Kumar) की पहचान काफी बड़ी है। साथ ही उनके गानों को पसंद करने वालों की लिस्ट भी काफी लंबी है। 

साल 1931 में जन्मीं संध्या मुखर्जी ने आजदी के एक साल बाद से ही फिल्म में गाने का मौका मिला। साल 1948 में हिंदी फिल्म अंजान घर के लिए उन्होंने अपना पहला गाना गाया। इस गाने में संगीत निर्देशन राय चंद बोराल ने किया था। उन्होंने यह गाना एस डी बर्मन, रोशन और मदन मोहन जैसे महान संगीतकारों के दिशा-निर्देश में गाया था।

 

संध्या मुखर्जी को साल 2011 में बांग्ला विभूषण (bangla vibhushan) से सम्मानित किया गया। यह बंगाल सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। साल 1970 में उन्हें बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर (Best Female Playback Singer) के अवार्ड मिला था। यह अवार्ड उन्हें फिल्म जय जयंती और निशी पद्मा में गाए गानों के लिए मिला था।