छठ महापर्व (Celebration of Chhath) का आज तीसरा दिन है. छठव्रतियों ने बुधवार की शाम अस्ताचलगामी (Chhathvratis offer Arghya to the Asthalagami Sun) सूर्य को अर्घ्‍य दिया।  इसे लेकर दुनियाभर में उत्साह का माहौल है।  घाटों पर अर्घ्य देने के बाद छठव्रती घर लौटने लगे हैं।  घाटों पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ दिखी।  हालांकि भीड़ से बचने के लिए कई छठव्रतियों ने अपने घरों में ही  अर्घ्‍य  दिया।  अब गुरुवार को उदीयमान सूर्य को छठव्रती  अर्घ्‍य  देंगे। 

छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतियों ने घर से लेकर घाट कर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य (Lord Surya) को  अर्घ्‍य  दिया।  कोरोना संक्रमण को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों की छत पर छठ पूजा किया।  वहीं सरकारी आदेश मिलने के बाद घाट पर पहुंचकर भगवान को  अर्घ्‍य  देने वालों की संख्या भी कम नहीं रही।  शाम चार बजे से ही नदी-तालाब पर लोग पहुंचने लगे।  कई लोग दंडवत होकर घाट पर पहुंचते दिखे। घाट पर व्रतियों के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। इसके साथ ही नहाने के बाद कपड़ा बदलने की भी व्यवस्था थी। 

बीस वर्ष से छठ कर रही मालती देवी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष अच्छे से व्रत नहीं कर पाई थी।  मगर संक्रमण की दूसरे लहर में उनका परिवार सुरक्षित रहा, इसलिए वह इस बार पूरी आस्था के साथ छठ का व्रत कर रही है।  कई व्रती सूर्यास्त होने के बाद घाट पर ही कोसी सजाई, इसके बाद छठ गीत गाई।