श्रीलंका में चल रहे आर्थिक संकट और सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों के बीच श्रीलंकाई क्रिकेटर और फ़िल्म स्टार्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

सनथ जयसूर्या, लसिथ मलिंगा, अर्जुन राणातुंगा, कुमार संगकारा और जैकलीन फर्नाडीस ने महंगाई और अभावों से जूझ रहे अपने लोगों को लेकर दुख जताया है और भारत व अन्य देशों से मदद मांगी है.

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उनकी प्रतिक्रिया में श्रीलंका के हालात को लेकर दुख है, गुस्सा है और बेहतर कल की उम्मीद भी है. किसी ने मौजूदा राजपक्षे सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है तो किसी ने लोगों की परेशानी में एकजुटता दिखाने की अपील की है. उन्होंने लोगों के लिए हर रोज़ मुश्किल हो रहीं स्थितियों को लेकर अफसोस जताया है.

श्रीलंका में बेतहाशा बढ़ती महंगाई और पेट्रोल, गैसे और खाने के सामान की कमी के चलते लाखों लोग कई दिनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. राष्ट्रपति गोटाभाया राजपक्षे के ख़िलाफ़ लोगों का गुस्सा फूट रहा है और वो उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति के आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक भी हो चुके हैं.

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श्रीलंका में आपातकाल और कर्फ़्यू लगाया है लेकिन इसके बावजूद भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं.

इन्हीं हालात को लेकर पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने कहा, ''लोगों को इन स्थितियों से गुजरना पड़ रहा है ये दुर्भाग्यपूर्ण है. वो इस तरह नहीं जी सकते और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. यहां गैस की कमी है और घंटों तक बिजली नहीं आती.''

''लोगों ने श्रीलंकाई सरकार को अपनी मुश्किलें दिखाने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया है. अगर संबंधित लोग इसका हल नहीं निकालते हैं तो ये बर्बादी की तरफ़ ले जाएगा. इस समय इसकी ज़िम्मेदारी मौजूदा सरकार पर है.''

उन्होंने कहा, ''हमारे देश के पड़ोसी और बड़े भाई होने के नाते, भारत ने हमेशा हमारी मदद की है. हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं. हमारे लिए, मौजूदा स्थिति में जीना आसाना नहीं है. हम भारत और दूसरे देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते हैं.''

वहीं, श्रीलंकाई पूर्व क्रिकेटर अर्जुन राणातुंगा ने बुधवार को श्रीलंका को अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से बाहर निकालने में मदद करने के लिए भारत की सराहना की.

उन्होंने अर्थव्यवस्था को गलत तरीके से संभालने और "अपने फायदे के लिए संविधान" को बदलने के लिए अपने देश के शीर्ष राजनेताओं की आलोचना की.

उन्होंने कहा, ''अगर राष्ट्रपति को ये लगता है कि वो नहीं संभाल सकते तो उन्हें हट जाना चाहिए. हम दुनिया भर से पैसे मांग रहे हैं. अच्छा है कि ऐसे देश हैं जो हमारी मदद कर रहे हैं, खासतौर पर भारत. आम लोग सिर्फ़ सामान्य चीजों दूध पाउडर, गैस, चावल, पेट्रोल की मांग कर रहे हैं. मैं हिंसा का समर्थन नहीं करता हूं. देश पिछले दो सालों में बड़े संकट में घिर गया है. ये कोविड का बहाना दे सकते हैं लेकिन उसे तो पूरी दुनिया ने झेला है.''

श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट पर लिखा  ''श्रीलंका के लोग बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. ये देखकर दुख होता है कि लोग अपनी रोजमर्रा की ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं. हर दिन मुश्किल होता जा रहा है. लोग अपनी आवाज़ उठा रहे हैं और एक समाधान की मांग कर रहे हैं. कुछ लोग उस आवाज़ के ख़िलाफ़ नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं तो कुछ उसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं. लोग क्या कह रहे हैं, सुनना चाहिए. अपने विनाशकारी निजी और राजनीतिक एजेंडे को दूर रखते हुए श्रीलंका के हित में काम करना चाहिए. श्रीलंका के लोग दुश्मन नहीं है, वो अपने ही लोग हैं. उन्हें और उनके भविष्य को किसी भी तरह बचाना चाहिए.''

श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा  ''श्रीलंका में आपातकाल और कर्फ़्यू को देखकर दुख हो रहा है. सरकार लोगों की ज़रूरतों को अनदेखा नहीं कर सकती. उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है. लोगों को हिरासत में लेना स्वीकार्य नहीं है और मैं श्रीलंकाई वकीलों पर गर्व करता हूं जो ऐसे लोगों के बचाव में काम कर रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ''सच्चे नेता अपनी गलतियां मानते हैं. हमारे देश के लोगों को सुरक्षा देना और उनकी तकलीफ़ में एकजुट होना बेहद ज़रूरी है. ये समस्याएं हमारी खड़ी की हुई हैं और इसे सही, योग्य व्यक्ति ठीक कर सकते हैं. जो लोग इस देश की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित कर रहे हैं, उन्होंने लोगों का भरोसा खो दिया. उन्हें हट जाना चाहिए. देश को आत्मविश्वास और भरोसा देने के लिए हमें एक अच्छी टीम की ज़रूरत है.''