भारतीय स्‍टेट बैंक (एसबीआई) आपको शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर गांव में कुछ महीने काम करने का मौका दे रहा है।

बैंक ने एक यूथ फेलोशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत आप गांव की सूरत बदलने में मदद कर सकते हैं। गांव में काम करने के लिए आप यहां के लोगों के काम में मदद के अलावा यहां के बच्‍चों को पढ़ा सकते हैं।

इस काम के लिए एसबीआई आपको न सिर्फ ट्रेनिंग देगा, बल्कि हर महीने 15 हजार रुपए का स्‍टाइपेंड भी मिलेगा। इस फेलोशिप के तहत काम करने के लिए स्‍टाइपेंड के अलावा मेडिकल अलाउंस और ट्रैवलिंग अलाउंस भी मिलता है।

एसबीआई यूथ फेलोशिप 13 महीने का प्रोग्राम है। इसके तहत ग्रेजुएट और यंग प्रोफेशनल्‍स को अनुभवी एनजीओ के साथ मिलकर गांवों में काम करने का मौका दिया जाता है। इसके जरिए युवा न सिर्फ एंटरप्रेन्‍योरशिप की कला सीखते हैं, बल्कि उन्‍हें कई प्रोजेक्‍ट्स को लीड करने का भी मौका मिलता है।

इन प्रोजेक्‍ट्स से आप गांवों की स्थिति बदलने में मदद कर सकते हैं। इस यूथ फेलोशिप के तहत कई प्रोजेक्‍ट्स शामिल किए गए हैं। इसमें बच्‍चों को पढ़ाने समेत यहां के लोगों को आत्‍मनिर्भर बनाने के लिए उन्‍हें एंटरप्रेन्‍योरशिप की ट्रेनिंग देना भी शामिल है।

एसबीआई यूथ फेलोशिप प्रोग्राम की वेबसाइट के मुताबिक, इस यूथ फेलोशिप में काम करने के लिए आपको सिर्फ 15 हजार रुपए का स्‍टाइपेंड ही नहीं मिलेगा, बल्कि जब आप इसे पूरा कर लेंगे, तो आपको 30 हजार रुपए का रीएडजस्‍टमेंट अलाउंस भी दिया जाएगा। इसके अलावा हर महीने 1000 रुपए का ट्रैवलिंग अलाउंस भी मिलेगा। मेडिकल इंश्‍योरेंस के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम्‍स का पूरा खर्चा भी दिया जाएगा। आपको देश के कई फेमस एनजीओ और संस्‍थानों के साथ काम करने का मौका भी मिलेगा। एक्‍सपर्ट्स आपको रूरल एंटरप्रेन्‍योरशिप के बारे में भी बताएंगे।

आपने अभी-अभी ग्रेजुएशन किया है या फिर आप प्रोफेशनल हैं, तो आप इस प्रोग्राम के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं। आपकी उम्र 21 से 32 साल के बीच होनी चाहिए। इस फेलोशिप के लिए भारत से ही नहीं, विदेशों में रहने वाले भी अप्‍लाई कर सकते हैं। शर्त सिर्फ इतनी है कि आप भारतीय नागरिक हों। इन शर्तों को अगर पूरा करते हैं, तो आप http://www.youthforindia.org/ पर जाकर इस फेलोशिप प्रोग्राम के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं।

यूथ फेलोशिप प्रोग्राम के तहत अप्‍लाई करने वाले लोगों में से बेस्‍ट कैंडिडेट्स को शॉर्टलिस्‍ट किया जाता है। शॉर्टलिस्‍ट किए गए लोगों को इसकी जानकारी लगातार ऑनलाइन फोरम में दी जाती है। शॉर्टलिस्‍टेड कैंडिडेट्स का इसके बाद इंटरव्‍यू लिया जाता है। इसमें में उनकी रुचि और प्रोफेश‍नल स्किल्‍स को परखा जाता है और सेलेक्‍टेड कैंडिडेट्स अगले लेवल पर पहुंचते हैं।

अगर आप इंटरव्‍यू में सेलेक्‍ट हो जाते हैं, तो आप उस एनजीओ के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिसके साथ आप काम करना चाहते हैं। यह प्रोग्राम 13 महीने का है। इसकी दो बैच बनाई जाएंगी, जो इस साल अगस्‍त और अक्‍टूबर में भेजी जाएंगी। यह एक फुल टाइम काम है। इसके लिए आपको गांव में प्रोजेक्‍ट साइट के करीब रहना होगा।

गांवों में भेजे जाने से पहले आपको ट्रेनिंग दी जाती है। इस ट्रेनिंग में प्रोजेक्‍ट में आपको क्‍या काम करना होगा और कैसे करना होगा, सब बताया जाएगा। प्रोग्राम के शुरुआती दो हफ्तों तक आपको ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद प्रोजेक्‍ट फॉरमेशन से लेकर इसके तहत काम करना होगा।

13 महीने की फेलोशिप पूरी होने के बाद भी आपको कई ऑप्‍शन दिए जाते हैं। इसमें आप काम करना जारी रख सकते हैं या फिर शहर लौट सकते हैं। आप दूसरी फेलोशिप से जुड़ सकते हैं और एनजीओ के साथ मिलकर काम करते रह सकते हैं। आप आगे की पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं या फिर गांवों में ही कोई काम शुरू कर सकते हैं।