आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी और ईश्वर से उनके मंगलमयी जीवन की प्रार्थना करेंगी। जिन बहनों के भाई कहीं दूर रहते हैं, उन्होंने रक्षाबंधन से पहले ही उन्हें राखी भेज दी होगी। लेकिन कई बार ऐसे पोस्ट या पार्सल समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी स्थिति में अगर आपको रक्षाबंधन के बाद बहन की राखी मिले तो क्या करना चाहिए। इस बारे में आपको खास जानकारी होनी चाहिए।

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ज्योतिष के मुताबिक,अगर आपको बहन की भेजी राखी देर से मिले तो इसमें चिंता की बात नहीं है। आप अगले दिन या उसके बाद भी वो राखी अपनी कलाई पर बांध सकते हैं। लेकिन इसमें कुछ विशेष बातों का ख्याल रखना अनिवार्य है। देर से मिली राखी को चतुर्थी या चतुर्दशी जैसी रिक्त तिथियों पर ना बांधें। साथ ही, शनिवार या मंगलवार जैसे कड़े दिन पर राखी बांधने से बचें।

अगर आपकी बहन कहीं दूर रहती है और उसकी भेजी राखी आपको रक्षाबंधन के बाद मिले तो बहन तुल्य कन्या, छोटी कन्या या बुआ से भी राखी बंधवा सकते हैं। इसके अलावा, कुल पुरोहित से भी राखी बंधवाई जा सकती है। पूर्णमासी के अगले दिन प्रतिपदा तिथि लगती है। इसमें राखी बंधवाने से बचें। बेहतर होगा कि आप आगामी सप्ताह या 15 दिन के भीतर ही वो राखी कलाई पर बंधवा लें।

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रक्षाबंधन बीतने के बाद कलाई पर राखी बंधवाते वक्त शुभ-अशुभ घड़ी का ख्याल रखना भी जरूरी है। आप कोई भी शुभ मुहूर्त देखकर बहन की राखी को कलाई पर सजा सकते हैं। लेकिन याद रहे कि राहुकाल में कभी भी बहन की राखी को कलाई पर नहीं बांधा जाता है। इससे रक्षा सूत्र में लिपटा मंगलकारी प्रभाव कम हो सकता है।