रेलवे ने 30 जून और उससे पहले की यात्रा के लिए पहले से बुक किए गए सभी टिकट रद कर दिए हैं। रेलवे 30 जून तक बुक किए गए सभी टिकटों के पैसे रिफंड करेगी। लेकिन रेलवे ने इसके साथ ही जानकारी दी है कि इस दौरान सभी स्पेशल ट्रेनें और श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें सामान्य रूप से चलती रहेंगी। एक बयान में रेल मंत्रालय ने कहा कि 30 जून तक बुक किए गए सभी टिकटों के पैसे रिफंड किए जाएंगे। रेल मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मेल/एक्सप्रेस, यात्री और उप नगरीय सेवाओं सहित सामान्य यात्री सेवाओं को आगे की सलाह तक रद कर दिया गया है। 30 जून, 2020 तक की अवधि के बुक किए गए सभी टिकट रद किए जा सकते हैं। इसके पूरे पैसे रिफंड किए जाएंगे।


रेलवे ने जानकारी दी है कि 12 मई से चल रही विशेष ट्रेनों के लिए अब तक 2,34,411 यात्रियों ने टिकट बुक किए हैं। इससे अब तक रेलवे को किराए के रूप में कुल 45.20 करोड़ रुपए मिले हैं। रेलवे ने इसके साथ ही आज बताया कि IRCTC ने 13 मई से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले सभी यात्रियों के गंतव्य स्टेशन का पता लेना शुरू कर दिया है। रेलवे ने कहा है कि इससे हमें बाद में आवश्यकता पड़ने पर उनका पता लगाने में मदद मिलेगी।


रेलवे ने कहा है कि इस दौरान 1 मई से शुरू होने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनें और 12 मई से चल रहीं विशेष ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा। वह टिकट जिसे रद्द किया जाना है, उन्हें लॉकडाउन अवधि के दौरान बुक किया गया था, जब रेलवे जून में यात्रा के लिए टिकट बुकिंग की अनुमति दे रहा था। इससे पहले रेलवे ने नियमित ट्रेनों के लिए सभी बुकिंग पर 17 मई तक रोक लगा दी थी, जब तक देश में लॉकडाउन 3 लागू रहता है। हालांकि बाद में सरकार ने पहले मजदूरों की घर वापसी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं, उसके ठीक बाद रेलवे ने 12 मई से लोगों के लिए 15 जोड़ी विशेष यात्री ट्रेनें भी चलाई हैं।


रेलवे ने कहा है कि जिन यात्रियों को कोरोना वायरस से जुड़े लक्षणों के कारण ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, उन्हें उनके टिकट के लिए पूरे पैसे रिफंड किए जाएंगे। गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी और केवल असंक्रमित यात्रियों को ट्रेनों में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। रेल मंत्रालय ने पहले से बुक किए गए टिकटों को रद्द करने और उसके रिफंड को लेकर गाइडलाइन जारी की है। रेलवे ने वह सभी टिकट कैंसिल कर दिए हैं, जो 21 मार्च के बाद बुक कराए गए हैं। रेलवे द्वारा रद्द की गई ट्रेनों के संबंध मे रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि काउंटर पर रिफंड, यात्रा की तारीख से छह महीने तक टिकट जमा करने पर लिया जा सकता है।


यानि कि अब छह माह तक ट्रेन का टिकट रद कराया जा सकेगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि काउंटर से लिया गया टिकट भी ऑनलाइन रद कराया जा सकेगा, लेकिन रिफंड काउंटर से ही मिलेगा।अभी तक यात्रा की तिथि से तीन दिनों के अंदर टिकट रद कराना होता था। हालांकि लॉकडाउन की वजह से यह अवधि बढ़ाकर तीन माह कर दी गई थी। अब इसको बढ़ाकर 6 महीने कर दिया गया है।