विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से सौगातों की बारिश हो रही है। 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल (PM Modi will inaugurate Purvanchal Expressway) एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। लखनऊ से गाजीपुर तक बने एक्सप्रेसवे का जिस दौरान पीएम मोदी सुल्तानपुर से शुभारंभ कर रहे होंगे, उसी समय सपा प्रमुख अखिलेश यादव गाजीपुर से आजमगढ़ तक इस पर रथ दौड़ा रहे होंगे।

समाजवादी विजय रथयात्रा के चौथे चरण का शुभारंभ सपा ने 16 नवंबर को ही गाजीपुर से करने का फैसला किया है। अखिलेश यादव गाजीपुर से आजमगढ़ तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से ही जाएंगे। यही नहीं, गाजीपुर में उनकी जनसभा भी एक्सप्रेसवे पर ही होगी। 

गाजीपुर से आजमगढ़ तक रथ यात्रा के जरिये अखिलेश पूर्वांचल के लोगों को सपा से जोड़ने का कार्य करने के साथ ही भाजपा की सुल्तानपुर रैली का सियासी जवाब भी देंगे। सुभासपा से गठबंधन और मुख्तार के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी के शामिल होने के बाद गाजीपुर में सपा का यह पहला कार्यक्रम होगा। मुख्तार अंसारी भले ही मऊ सदर सीट से विधायक हैं लेकिन उनका गृह इलाका गाजीपुर ही है। 

लगभग 70 किलोमीटर समाजवादी विजय रथयात्रा के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ही जनसभा भी होगी। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात प्रदेश की जनता को देंगे तो वहीं दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव एक्सप्रेस-वे के आखिरी छोर गाजीपुर में विशाल जनसभा कर रहे होंगे। पीएम के एक्सप्रेस वे जनता को सौंपेंने के ठीक बाद ही अखिलेश पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से ही आजमगढ़ जाएंगे। माना जा रहा है कि अखिलेश का कार्यक्रम बेहद सोची समझी रणनीति के तहत ही बनाया गया है। 

अखिलेश की जनसभा को लेकर जिले के सपा नेताओं के साथ ही अंसारी बंधुओं और सुभासपा ने ताकत झोंक दी है। समाजवादी पार्टी ने पीएम मोदी के लोकार्पण कार्यक्रम से बड़ा कार्यक्रम करने की जिम्मेदारी नेताओं को सौंप दी है।

शनिवार को भी योगी और अखिलेश एक दूसरे के गढ़ में शक्ति प्रदर्शन करेंगे। सीएम योगी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को अखिलेश के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में यूनिवर्सिटी की सौगात देने के साथ ही जनसभा करेंगे। उधर, अखिलेश यादव योगी के क्षेत्र गोरखपुर से कुशीनगर तक रथयात्रा करेंगे। आजमगढ़ में भाजपा को लगातार मायूसी मिली है। 2014 और 2019 के संसदीय चुनाव में भी भाजपा को यहां हार का मुंह देखना पड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा दस में से केवल एक सीट जीत सकी थी।