देश में ओमिक्रॉन का कहर बढ़ता जा रहा है. अब ये कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में पहुंच गया है. भारत और कई महानगरों में इसका असर बढ़ता जा रहा है. INSACOG ने इस बात की जानकारी दी है. साथ ही कहा है कि ओमिक्रॉन का संक्रामक सब-वेरिएंट BA.2 भी देश में मिला है. INSACOG ने अपने 10 जनवरी के बुलेटिन जो कि रविवार को जारी किया, उसमें कहा था कि अब तक के अधिकांश ओमिक्रॉन के मामले बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले हैं. अस्पताल में भर्ती होने और आईसीयू के मामले मौजूदा लहर में बढ़ गए हैं और खतरे का स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

भारत में अपनी तरह की यह पहली स्टडी है जोकि ओमिक्रॉन से कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर की गई है. इसमे संक्रमित लोगों के जीनोम सीक्वेंसिंग के डेटा का अध्ययन किया या है, जिसमे दिल्ली के पांच जिले दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली शामिल हैं. यह आंकड़े 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच के हैं.

बेहद ही अहम स्‍टडी के लिए कई सैंपल जुटाए गए थे. कोरोना के ये मरीज 25 नवंबर-23 दिसंबर 2021 के बीच पॉजिटिव पाए गए थे. जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद इनके ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित होने की बात सामने आई थी. इस बारे में कई और तरह की भी जानकारी जुटाई गई है. कई पहलुओं पर स्टडी के बाद कम्युनिटी ट्रांसमिशन के बारे में पता चला है. कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है जब कोई आदमी किसी कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए बिना या वायरस से संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इससे संक्रमित हो जाए.

बता दें कि दुनियाभर में ओमिक्रॉन के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. दुनियाभर में संक्रमित लोगों में 13 फीसदी लोगों में अलग लक्षण देखे को मिले हैं, इन लोगों की सूंघने की क्षमता, स्वाद में कमी देखने को मिली है. जबकि 80 फीसदी लोगों में गले की समस्या सामान्य लक्षण है.