देश में कोरोना वायरस संकट के बीच ओमिक्रॉन ( Omicron Severity Latest News ) का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना ओमिक्रॉन के नए मामले देश के अलग-अलग राज्यों में दस्तक दे रहे हैं। अब तक देश के 11 राज्यों में ओमिक्रॉन का खतरा फैल चुका है। सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के राज्यों में इसका असर दिख रहा है। हालांकि देश के कुल मामलों में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं। ताजा मामला कर्नाटक का है जहां 5 नए केस सामने आए हैं, जबकि तेलंगाना में भी 4 नए केस मिलने से हड़कंप मच गया है। बीते 24 घंटे में देश ओमिक्रॉन वैरिएंट के 14 नए मामले सामने आ चुके हैं। जो चिंता बढ़ाने वाले हैं।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ सुधाकर के मुताबिक राज्य में ओमिक्रॉन के पांच और मामलों का पता चला है,जबकि तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चार और व्यक्तियों ने हैदराबाद में ओमिक्रॉन के लिए सकारात्मक परीक्षण किया है, जिसके बाद प्रदेश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की कुल संख्या 7 हो गई है।

देश में Omicron Variant लगातार अपने पैर पसार रहा है। तेजी से बढ़ते मामलों ने केंद्र से लेकर राज्य सरकारों की चिंता भी बढ़ा दी है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। हालांकि सरकारें पुख्ता तैयारी का दावा भी कर रही हैं। वहीं खतरे से निपटने के लिए धारा 144 से लेकर अन्य जरूरी कदम भी उठाए जा रहे हैं।

देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या

देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों की संख्या अब बढ़कर 88 हो गई है। सबसे ज्यादा मामले अकेले महाराष्ट्र से अब तक सामने आए हैं। यहां ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित 32 केस सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही सरकार ने विदेश यात्रियों के लिए क्वारंटीन अनिवार्य से लेकर धारा 144 लागू करने समेत कई पाबंदियां लागू कर दी हैं।

इसके अलावा राजस्थान में 17, दिल्ली में 10, कर्नाटक में 8, तेलंगाना में 7, केरल में 5, गुजरात में 5, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ में 1-1 मामले सामने आ चुके हैं।

बीते 24 घंटे में 14 नए केस

ओमिक्रॉन के मामलों की बात करें तो देश में बीते 24 घंटे में 14 नए मामले सामने आए हैं। तीन राज्यों में ये मामले देखने को मिले हैं। इनमें राजधानी दिल्ली, तेलंगाना और कर्नाटक प्रमुख रूप से शामिल है। हालांकि राहत की बात यह है कि जितने भी मरीज अब तक ओमिक्रॉन के मिले हैं उनमें हल्के लक्षण ही पाए गए हैं। वहीं कुछ मरीजों की छुट्टी भी कर दी गई है।

बता दें कि भले ही अब तक ओमिक्रॉन के संक्रमितों में हल्के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन इसे डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। ये तेज से गति से फैल भी रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय निदेशक ने आगाह किया है कि वेरिएंट को ‘हल्का’ कहकर खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये तेजी से फैल रहा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही लहर का कारण बन सकती है।